
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। उज्जैन-गरोठ मार्ग की निर्माण गुणवत्ता की जांच की जाएगी। साथ ही जबलपुर जिले के शहपुरा टोल पर टोल वसूली अस्थायी रूप से बंद की जाएगी। भोपाल-जबलपुर मार्ग पर शहपुरा रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। इसके चलते शहपुरा स्थित टोल पर लिए जा रहे टोल को लेकर स्थानीय समुदाय में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) द्वारा प्रदेश में किए जा रहे निर्माण कार्यों तथा भविष्य के लिए प्रस्तावित वृहद सड़क परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उज्जैन-गरोठ मार्ग के निर्माण में सामने आई गुणवत्ता संबंधी समस्याओं को देखते हुए निर्माण गुणवत्ता की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तथा उज्जैन-झालावाड़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने शहपुरा (भिटौनी) टोल नाके पर अस्थायी रूप से टोल संग्रह बंद करने के निर्देश दिए। जबलपुर-दमोह मार्ग पर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए।
जबलपुर रिंग रोड निर्माण कुल पांच पैकेजों में किया जा रहा है। इनमें चार पैकेजों में कार्य की प्रगति संतोषजनक पाई गई, जबकि पांचवें पैकेज में अपेक्षित गति से कार्य नहीं होने पर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने चार पैकेजों का कार्य दिसंबर 2026 तक तथा पांचवें पैकेज का कार्य जून 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि संपूर्ण जबलपुर रिंग रोड का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके।
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एनएचएआइ के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्राधिकरण की जिन सड़कों की परफार्मेंस गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है अथवा जिनके पुनर्निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, उनके रखरखाव के लिए शार्ट टर्म मेंटेनेंस कान्ट्रैक्ट तथा लांग टर्म मेंटेनेंस कान्ट्रैक्ट के माध्यम से मरम्मत एवं संधारण कार्य कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्षाकाल के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव के स्तर को बेहतर बनाया जाए तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में किसी भी प्रकार की देरी नहीं हो।