
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल से उत्तर और पूर्व भारत की ओर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बीना-कटनी तीसरी लाइन परियोजना पूरी होने के साथ अब ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम होगी। लंबे समय से इस रूट पर ट्रैफिक दबाव के कारण देरी और वेटिंग की समस्या बनी रहती थी, लेकिन नई तीसरी लाइन से स्थिति में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
भोपाल से जुड़े प्रमुख स्टेशन बीना जंक्शन और कटनी जंक्शन के बीच 259.91 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण करीब 4000 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। यह परियोजना 2016-17 में स्वीकृत हुई थी और अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। बीना जंक्शन भोपाल से सीधा जुड़ा हुआ है, जिससे यहां से गुजरने वाली अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनें इस रूट का उपयोग करती हैं। तीसरी लाइन बनने से अब ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे क्रासिंग में लगने वाला समय कम होगा और यात्रियों को समय पर ट्रेन मिल सकेगी।
यह रेलखंड देश के सबसे व्यस्त कोयला परिवहन मार्गों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में कोयला विभिन्न बिजली संयंत्रों तक पहुंचाया जाता है। पहले मालगाड़ियों के दबाव के कारण यात्री ट्रेनों को कई बार रोकना पड़ता था, जिससे देरी होती थी। अब तीसरी लाइन शुरू होने से माल और यात्री ट्रेनों के संचालन में संतुलन बनेगा। इससे भोपाल से चलने या गुजरने वाली ट्रेनों की गति बढ़ेगी, देरी कम होगी और वेटिंग की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।
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इस परियोजना से सागर, दमोह और कटनी जिलों के साथ-साथ भोपाल क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यात्रियों को अधिक ट्रेनों के संचालन और समयबद्ध सेवाओं का लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी और भोपाल के यात्रियों के लिए सफर को पहले से कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक बनाएगी।