
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लालघाटी इलाके में एक बुजुर्ग महिला और युवक ने मिलकर सस्ता सोने की माला बेचने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी कर दी। जालसाजों ने पहले एक निजी अस्पताल में मां का इलाज करा रहे पीड़ित का भरोसा जीता, फिर असली सोने का एक मोती जांच के लिए देकर उसे जाल में फंसाया। जब ठगी का शिकार साढ़े तीन लाख रुपये नगद लेकर पहुंचा, तो आरोपित उसे नकली माला थमाकर फरार हो गया।
पुलिस के अनुसार, अशोकनगर जिले के ग्राम करमसी कचनार निवासी अंकित शर्मा (28 वर्ष) अपनी मां पुष्पाबाई का इलाज कराने कोहेफिजा के एक निजी अस्पताल आए थे। 25 मई को अस्पताल में ही एक युवक मिला, जिसने अपना नाम राजू प्रजापति बताया। राजू के साथ एक बुजुर्ग महिला भी थी, जिसे उसने अपनी मां बताया। राजू ने अंकित से कहा कि वह जेसीबी चलाता है और हाल ही में खुदाई के दौरान उसे जमीन के नीचे से सोने की एक कीमती माला मिली है। उसने अपनी बहन की शादी का हवाला देते हुए अंकित से वह माला खरीदने की बात की।
अंकित ने शुरुआत में इतने पैसे न होने की बात कहकर मना कर दिया। बाद में जालसाज की बातों में आकर वह माला खरीदने के लिए तैयार हो गया, पहले आरोपित ने माला से एक मोती तोड़कर अंकित को दिया कि वह इसे किसी भी सुनार से चेक करवा ले। 26 मई को अंकित ने अशोकनगर पहुंचकर सुनार से मोती चेक कराया, तो वह शत-प्रतिशत शुद्ध सोना निकला।
इसके बाद अंकित ने रुपयों के लिए फसल मंडी में बेची और अपने बहनोई नरेश शर्मा से 1.5 लाख रुपये उधार लेकर कुल 3.5 लाख रुपये नगद जुटाए और भोपाल पहुंचकर लालघाटी ब्रिज के नीचे राजू और उसकी मां को अंकित से 3.5 लाख रुपये नगद दे दिए और आरोपित पोटली में बंधी माला उसे सौंप दी।
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रकम देने के बाद अंकित जब तसल्ली के लिए बैरागढ़ के एक सराफा व्यापारी के पास माला चेक कराने पहुंचा, तो उसके होश उड़ गए। सुनार ने बताया कि माला पूरी तरह नकली है और उसमें सोने का एक अंश भी नहीं है। ठगी का अहसास होते ही अंकित ने तुरंत राजू के नंबर पर काल किया, लेकिन तब तक आरोपित का मोबाइल स्विच आफ हो चुका था।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर निजी अस्पताल और लालघाटी ब्रिज के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, आरोपी के मोबाइल नंबर को साइबर सेल की मदद से सर्विलांस पर ले लिया गया है।