
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी की सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और सुरक्षित सफर के प्रति जागरूक करने के लिए एक आटोमोबाइल मैकेनिक ने अनूठी पहल की है। 40 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर विजय अय्यर ने जुगाड़ के दम पर एक ऐसा स्मार्ट हेलमेट तैयार किया है, जो इन दिनों शहर के प्रमुख चौराहों पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वे स्कूलों में भी जाकर बच्चों को जागरूक कर रहे हैं।
विजय अय्यर ने 25 हजार रुपये खर्च कर इस स्मार्ट हेलमेट का मॉडल तैयार किया है। इसे उन्होंने अपने स्कूटर की पिछली सीट पर स्थापित किया है। इस अनोखे हेलमेट में 360-डिग्री CCTV सर्विलांस कैमरा लगा है, जिसका लाइव वीडियो मोबाइल फोन पर देखा जा सकता है। हेलमेट के ऊपरी हिस्से में एक छोटा सोलर पैनल लगाया गया है, जिससे कैमरे और पीछे लगी LED लाइट्स को ऊर्जा मिलती है।
इसके अलावा इसमें एक फर्स्ट-एड बॉक्स और एक छोटा अग्निशामक यंत्र भी लगाया गया है। विजय बताते हैं कि हाल में ई-स्कूटरों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, इसलिए अग्निशामक यंत्र जोड़ा गया है। वहीं फर्स्ट-एड बॉक्स का उद्देश्य सड़क पर छोटी दुर्घटनाओं में घायल लोगों की तुरंत मदद करना है। जिस बॉक्स पर यह हेलमेट लगा है, उस पर हेलमेट पहनने की अपील वाले पोस्टर भी चिपकाए गए हैं।
विजय अपने इस स्कूटर को पुराने और नए भोपाल के व्यस्त चौराहों पर ले जाकर खड़ा करते हैं। वे बताते हैं कि भोपाल के लोगों को नवाचार और जुगाड़ बहुत पसंद आता है। जब वे इस अनोखे हेलमेट को देखते हैं तो उत्सुकतावश इसके पास जमा हो जाते हैं। भीड़ जुटने पर वे हेलमेट के फीचर्स के बहाने समझाते हैं कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जिंदगी के लिए कितना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने पुलिस विभाग से अनुमति भी ली है।
सालों से समाजसेवा से जुड़े विजय अय्यर ने इस जागरूकता मुहिम की शुरुआत दो महीने पहले ब्रह्माकुमारी मेडिटेशन सेंटर संचालिका बीके खुशबू दीदी के सहयोग से की है। वे अब तक पुराने और नए भोपाल के 25 प्रमुख चौराहों पर एक-एक घंटा समय बिताकर लोगों को जागरूक कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त वे 30 निजी और सरकारी स्कूलों में भी जा चुके हैं। विजय का कहना है कि यह सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने के लिए मेरी तरफ से की गई एक छोटी सी कोशिश है, जो आगे भी जारी रहेगी।
यह भी पढ़ें- MP में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव का एलान, EC ने जारी किया शेड्यूल