भोपाल में मिसरोद TI रतनलाल सिंह परिहार सस्पेंड; आदिवासी छात्रों पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद DCP का एक्शन
आदिवासी छात्रों पर कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो प्रसारित होने के बाद भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक...और पढ़ें
By Brajendra rishishwarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 01:52:24 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 01:52:24 PM (IST)
आदिवासी छात्रों पर अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल होने के बाद DCP ने थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सौ-सोशल मीडिया।HighLights
- वीडियो वायरल होने के बाद मिसरोद टीआई निलंबित
- आदिवासी छात्रों पर कथित अभद्र टिप्पणी का आरोप
- 15 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। इंटरनेट मीडिया के अलग अलग माध्यमों पर दो दिनों वायरल हो रहे आदिवासी छात्रों पर अभद्र टिप्पणी के वीडियो को लेकर पुलिस उपायुक्त विकास शाहवाल ने एक टीआई पर कठोर कार्रवाई की है। मिसरोद थाने के निरीक्षक रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश बुधवार को जारी किया गया है।
वीडियो के आधार पर कार्रवाई
डीसीपी जोन-2, विकास शाहवाल ने बताया कि , वायरल वीडियो में थाना प्रभारी ड्यूटी के दौरान अनर्गल और आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे थे, जो पुलिस सेवा-आचरण के प्रतिकूल है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें रक्षित केंद्र, भोपाल अटैच कर दिया गया है। साथ ही, मिसरोद के एसीपी को 15 दिन के भीतर वीडियो की पेनड्राइव के साथ विस्तृत और निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विवादों से जुड़ा रहा है टीआई का नाम
हम बता दें कि टीआई रतनलाल सिंह परिहार का विवादों से पुराना नाता रहा है। उनकी तैनाती लंबे समय से भोपाल में ही रही है। इससे पहले भी वह कई मामलों में सुर्खियों में आ चुके हैं।
कुछ समय पहले यूथ कान्क्लेव कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ मारपीट करने और उनके बाल खींचने का मामला सामने आया था, जिस पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे।
इसके अलावा, दिसंबर 2020 में निशातपुरा थाने में पदस्थ रहने के दौरान भी उन पर गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एक महिला ने एसआइ रहते हुए उन पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और मारपीट करने के आरोप लगाए थे।
आदिवासी छात्रों पर अभद्र टिप्पणी का मामले में हुए निलंबित
आदिवासी छात्रों के मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबन की कार्रवाई आदिवासी छात्रों और युवाओं के प्रति की गई अभद्र टिप्पणियों के संदर्भ में हुई है।
पुलिस कमिश्नर द्वारा इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें सभी पहलुओं और तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।