
MP Assembly Session: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांवों में हर घर नल कनेक्शन के माध्यम से पानी पहुंचाने के कामों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के सदस्यों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने गुणवत्ताहीन काम किया है। दस प्रतिशत घरों में भी नल से पानी नहीं पहुंच रहा है। ठेकेदारों ने गांवों की कांक्रीट की सड़कों को पाइप लाइन बिछाने में बर्बाद कर दिया और सुधार भी नहीं हो रहा है।
पूरे मध्य प्रदेश में यही स्थिति है। इसकी जांच कराई जाए। जब सत्ता पक्ष से इसका आश्वासन नहीं मिला तो कांग्रेस के सदस्यों ने ठेकेदारों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमें डराने की कोशिश न करो, हम चमकने वाले नहीं हैं। ये मोहन सरकार है जो न तो जांच कराने से डरती है और न ही किसी को संरक्षण दिया जा रहा है। प्रश्नकाल में लगभग 45 मिनट इस मुद्दे पर हंगामा चला और कांग्रेस ने बहिर्गमन कर विरोध जताया।
प्रश्नकाल के दौरान विवेक पटेल ने वारासिवनी क्षेत्र में नल जल योजना का विषय उठाया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने इसके उत्तर में कहा कि जो समयसीमा और गुणवत्तायुक्त काम नहीं करेगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। भुगतान भी नहीं होगा।

इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, रामनिवास रावत सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि बड़ी योजना है और इससे बड़ी आबादी लाभांवित होगी लेकिन ठेकेदारों ने कहीं भी काम पूरा नहीं किया है। गर्मी आने वाली है और कहीं भी नल से पानी नहीं मिल रहा है। सरकार अधिकारियों को क्यों बचाना चाहती है। हर तरह भ्रष्टाचार है। आखिर ये सरकार जनता की है या नहीं।
विधानसभा स्तर से समिति बनाकर इसकी जांच कराने में क्या परेशानी है। इस पर संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एक विधानसभा से जुड़ा मामला है। ऐसे पूरे प्रदेश की जांच नहीं करा सकते हैं। सदस्य, जहां की जानकारी देंगे, वहां जांच कराने में हमें कोई आपत्ति नहीं है, ये मोहन सरकार है न तो हम जांच करवाने से डरते हैं और न ही किसी को संरक्षण देंगे।
इस पर सिंघार ने सदन में पूरे प्रदेश की जांच कराने का आश्वास देने की मांग रखी, जिसे उन्होंने नकार दिया, जिस पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी और फिर विजयवर्गीय ने कहा कि डराने की कोशिश न करो, हम चमकने वाले नहीं है।