• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP बना उड़द की खरीद पर बोनस देने वाला पहला राज्य, ₹600 प्रति क्विंटल किसानों को मिलेगा बोनस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। देश में पर बोनस...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 10 Mar 2026 09:41:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 10 Mar 2026 09:41:30 PM (IST)
MP बना उड़द की खरीद पर बोनस देने वाला पहला राज्य, ₹600 प्रति क्विंटल किसानों को मिलेगा बोनस
MP बना उड़द की खरीद पर बोनस देने वाला पहला राज्य। (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. उड़द की खरीद पर बोनस देने वाला पहला राज्य बना
  2. सरकार दे रही है खरीद पर ₹600 प्रति क्विंटल बोनस
  3. गेहूं पर भी ₹40 प्रति क्विंटल बोनस देगी मोहन सरकार

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। देश में पर बोनस देने वाला मध्य प्रदेश, देश का पहला राज्य है। वहीं, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे।

पचमढ़ी को बनाया जाएगा बेस्ट इन्वायरमेंटल मॉडल

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को बताया कि बताया कि पचमढ़ी को बेस्ट इन्वायरमेंटल माडल बनाया जाएगा। जर्मनी की एक पर्यावरण संस्था द्वारा ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में पचमढ़ी को प्रमाणित किया है। यह देश का ऐसा पहला स्थल है, जिसे इस तरह का प्रमाणन मिला है। इसके साथ ही मगर, घड़ियाल और कछुए भी विभिन्न जल क्षेत्रों में मुक्त किए जाएंगे, ताकि हमारी जैव संपदा और भी समृद्ध हो सके।


यह भी पढ़ें- इंदौर-नई दिल्ली सुपरफास्ट का हुआ विस्तार, हरियाणा जाने वाले यात्रियों को होगा फायदा, मिलेगी बेहतर सुविधा

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने की जल संचय पहल की प्रशंसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संचयन के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने प्रशंसा की है। मध्य प्रदेश सामुदायिक सहभागिता से जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन देश के सामने श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

भारत सरकार भी इस दिशा में जन भागीदारी से ऐसा ही कदम बढ़ाने जा रही है। प्रदेश में अभियान के प्रथम चरण में 2.79 लाख और दूसरे चरण में 72 हजार 647 जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया। 64 हजार 395 जल संरचना निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। 19 मार्च 2026 से फिर अभियान चलाया जाएगा।