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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं सात फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। मंडल ने तैयारी कर ली है। पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों, इसके लिए मोबाइल एप से ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। वहीं परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल प्रतिबंध रहेगा। केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक सहित कोई स्टाफ भी केंद्र में मोबाइल नहीं ले जा सकेगा। प्रदेश के 700 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर जैमर और 226 केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी मंडल कंट्रोल रूम से ऑनलाइन करेगा।
परीक्षा केंद्रों से माशिमं को सूचना देने या परीक्षा की निगरानी करने के लिए मोबाइल के बदले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसमें लैंडलाइन फोन के उपयोग के साथ-साथ पोर्टल भी तैयार किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। परीक्षा में तैनात सभी अधिकारी मोबाइल पर मंडल का एप डाउनलोड करेंगे। एप पर पुलिस थाने से प्रश्न-पत्र निकलने, केंद्रों पर बंडल खोलने से लेकर वितरण करने, परीक्षा खत्म होने के बाद बंडल बनने और मूल्यांकन केंद्र पर जमा करने तक की एंट्री की जाएगी।
यहां तक कि हर प्रश्नपत्र के बंडल लोकेशन भी ट्रेस होगी। वहीं उड़नदस्तों की मानीटरिंग भी एप के माध्यम से की जाएगी। इस बार प्रश्नपत्र बंडलों को थाने से निकालने में कलेक्टर प्रतिनिधि को तैनात किया जाएगा, जो सुबह 6:30 बजे पुलिस थाना पहुंचकर सेल्फी भेजेंगे। इनकी मानीटरिंग भी एप से की जाएगी। पुलिस थाने से लेकर केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने और वितरण तक में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार मोबाइल एप के माध्यम ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। - बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं
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