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मध्य प्रदेश के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बोर्ड की परीक्षा में बनेंगे पर्यवेक्षक

मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अतिथि शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। माशिमं पहली बार अतिथि शिक्षकों क...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 05:49:00 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 05:49:00 PM (IST)
मध्य प्रदेश के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बोर्ड की परीक्षा में बनेंगे पर्यवेक्षक
मध्य प्रदेश के 70 हजार अतिथि शिक्षकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

HighLights

  1. MP बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा में पहली बार दिखेंगे अतिथि शिक्षक
  2. जनगणना 2027 और बोर्ड परीक्षा की तिथियां टकराने से फैसला
  3. परीक्षा संचालन के लिए कुल 2.5 लाख शिक्षकों की आवश्यकता

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 2027 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अतिथि शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) पहली बार अतिथि शिक्षकों को परीक्षा में पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी कर रहा है। राष्ट्रीय जनगणना 2027 के दूसरे चरण और बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें एक-दूसरे से टकराने के कारण शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

मंडल ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों(डीईओ) को निर्देश जारी कर अतिथि शिक्षकों की सूची मांगी है। इस बार बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 19 मार्च 2027 तक आयोजित की जाएंगी। वहीं, राष्ट्रीय जनगणना के दूसरे चरण का कार्य फरवरी और मार्च में प्रस्तावित है।


जनगणना कार्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगने से बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के लिए पर्यवेक्षकों की कमी होने की आशंका है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए माशिमं ने अतिथि शिक्षकों की सेवाएं लेने की योजना बनाई है।

मंडल ने सभी जिलों को उपलब्ध नियमित शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों का पूरा डाटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिलों को इस सप्ताह के अंत तक ई-मेल के माध्यम से रिपोर्ट भेजनी होगी। प्रदेश में करीब 70 हजार अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं। जरूरत के मुताबिक इनकी ड्यूटी लगाए जाने से परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की कमी दूर होने की संभावना है।

परीक्षा संचालन के लिए ढाई लाख शिक्षकों की जरूरत

प्रदेश में कुल 2,05,000 नियमित शिक्षकों में से 94,660 शिक्षक पहले ही जनगणना के प्रथम चरण की ड्यूटी में शामिल रहे हैं। परीक्षा संचालन में शिक्षकों की कमी न हो, इसके लिए मंडल ने नया फार्मूला तैयार किया है। शेष उपलब्ध नियमित शिक्षकों में (स्कूल शिक्षा) के एक लाख और जनजातीय कार्य विभाग के 80 हजार शिक्षक, ड्यूटी पर लगने वाले अतिथि शिक्षक 70 हजार है, जिनकी ड्यूटी परीक्षा कार्य में नहीं लगाई जाती है।

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बोर्ड परीक्षा में कुल करीब ढाई लाख शिक्षकों की आवश्यकता पड़ती है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का काम प्रभावित किए बिना बोर्ड परीक्षाओं को सफलतापूर्वक कराने की कार्ययोजना प्राथमिकता से तैयार की जाए।

यह है समय सारिणी

  • 10वीं मुख्य परीक्षा: 24 फरवरी 2027 से 18 मार्च 2027
  • 12वीं मुख्य परीक्षा: 17 फरवरी 2027 से 19 मार्च 2027
  • जनगणना (द्वितीय चरण) फील्ड वर्क: फरवरी 2027 एवं 01 से 05 मार्च 2027
  • जनगणना मास्टर ट्रेनिंग: जनवरी 2027 में प्रस्तावित

10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा और जनगणना कार्य कोई भी प्रभावित ना हो। इसके बेहतर समन्वय को लेकर शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस बार अतिथि शिक्षकों को भी परीक्षा ड्यूटी में लगाई जाएगी। इसका डेटा तैयार किया जा रहा है। - बुद्धेश कुमार वैद्य, सचिव, माशिमं