
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सुगम बस परिवहन सेवा को लेकर प्रस्तुतीकरण हुआ। तय किया गया है कि योजना का शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल होंगे। योजना की खास बात यह है कि सरकार अपनी कोई बस नहीं चलाएगी, बल्कि निजी ऑपरेटरों से अनुबंध किए जाएंगे।
कैबिनेट ने प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर बनाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में 90 स्थानों पर खेल संरचनाएं बनी हुई हैं, इनका भी विकास किया जाएगा। इस पूरी योजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह खेल परिसर विधानसभा मुख्यालय या फिर शहर के नजदीक बनाए जाएंगे। इन परिसरों में हेलीपैड भी बनाए जाएंगे, ताकि आपात स्थिति में उपयोग हो सके।
बैठक में सिंगरौली और रतलाम की हवाई पट्टी के विकास को मंजूरी दी गई। इससे इन क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए ढाई सौ करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति भी बैठक में दी गई। इससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
प्रदेश में बिजली से संबंधित भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कैबिनेट ने 2800 मेगावाट बिजली के पावर परचेज एग्रीमेंट करने की अनुमति दी है। इससे आने वाले समय में बिजली की कमी नहीं होगी और उद्योगों व घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को प्रदेशभर में लागू करने के लिए सरकार ने रूट प्लान से लेकर तकनीकी निगरानी और बस अधोसंरचना तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में बताया गया कि प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे पूरा हो चुका है।
डेटा आधारित योजना के तहत करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा होगी तथा ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) बनाई गई है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि बस संचालन, आईटीएमएस और परिवहन अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल पर एकीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य सही बस, सही मार्ग और सही समय के आधार पर यात्रियों को भरोसेमंद सेवा देना है।
फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए एमपीवायपीआईएल और रैपिडो के बीच एमओयू हुआ है। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशनों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। महिलाओं द्वारा संचालित रैपिडो पिंक बाइक-टैक्सी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल और इंदौर में होगी।
सरकार ने एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 भी शुरू किया है। इसमें एआई और डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय व परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, अधोसंरचना व लास्ट-माइल कनेक्टिविटी तथा ग्रीन मोबिलिटी जैसे पांच क्षेत्रों में नए समाधान तलाशे जाएंगे। स्टार्टअप, एमएसएमई, शोधकर्ता, शिक्षण संस्थान और नवप्रवर्तक इसमें भाग ले सकेंगे।
समिट में उद्योग प्रतिनिधियों ने भी निवेश और तकनीक की जानकारी दी। एका मोबिलिटी पीथमपुर में ई-बस निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच हजार ई-बस बताई गई। वहीं, समिट में बस ऑपरेशन, आधुनिक टर्मिनल, डिपो, स्टॉप, डिजिटल टिकटिंग, रियल टाइम यात्री सूचना प्रणाली और ग्रीन मोबिलिटी को लेकर पीपीपी आधारित मॉडल पर मंथन हुआ।