15 अगस्त के बाद होगी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस, CM मोहन यादव और नए मुख्य सचिव करेंगे रिव्यू
15 अगस्त के बाद मध्य प्रदेश में आयोजित होने वाली कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में CM मोहन यादव और नए मुख्य सचिव मुद्दों पर समीक्षा करेंगे।
Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 08:15:15 AM (IST)Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 08:15:15 AM (IST)
15 अगस्त के बाद आयोजित होगी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस। (सोर्स- सोशल मीडिया)HighLights
- CM डॉ. मोहन यादव और नए मुख्य सचिव 'कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस' करेंगे
- इस बार कॉन्फ्रेंस में केवल 'पिन-पॉइंटेड' मुद्दों पर ही फोकस रिव्यू किया जाएगा
- बैठक में कानून व्यवस्था, मैदानी निरीक्षण और जिलों की परफॉर्मेंस पर चर्चा होगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब प्रदेश के नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के साथ मिलकर 'कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस' की अध्यक्षता करेंगे। यह महत्वपूर्ण बैठक 15 अगस्त के बाद आयोजित की जाएगी।
पहले यह बैठक केवल मुख्य सचिव लेने वाले थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्वयं उपस्थित रहने की बात कही। इसके बाद कार्यक्रम में बदलाव कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है।
लंबी चर्चा नहीं, केवल 'पिन-पॉइंटेड' बातों पर होगा फोकस
इस बार की कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की खास बात यह होगी कि इसमें पहले की तरह 71 बिंदुओं के लंबे एजेंडे पर चर्चा नहीं होगी। बैठक को अनावश्यक लंबा खींचने के बजाय जरूरी और सटीक (पिन-पॉइंटेड) बिंदुओं पर ही निश्चित समय में समीक्षा की जाएगी।
मुख्य सचिव कार्यालय ने इस संबंध में सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी कर विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) तलब की है।
इन प्रमुख मुद्दों पर रिपोर्ट देखे जाएंगे..
- कानून व्यवस्था और सुशासन: जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत।
- जन-विश्वास अभियान: हाल ही में लागू किए गए निर्देश के तहत हर शुक्रवार को अधिकारियों द्वारा बैठकों से दूरी बनाकर मैदानी निरीक्षण और जनता से सीधे संवाद की समीक्षा।
- प्रशासनिक कामकाज और रैंकिंग: जिलों के प्रशासनिक परफॉर्मेंस के आधार पर तैयार रैंकिंग।
- जमीनी और आर्थिक योजनाएं:
- पट्टा वितरण और अवैध कॉलोनियों का प्रबंधन।
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति।
- बैंकर्स (Bankers) की मासिक और त्रैमासिक बैठकों की स्थिति।
- रोजगार एवं स्वरोजगार योजनाओं का क्रियान्वयन।
- तहसील निरीक्षण और राजस्व: कलेक्टर्स और एसडीएम (SDM) द्वारा रोस्टर के अनुसार तहसीलों का निरीक्षण और मासिक राजस्व समीक्षा।
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