
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल: मध्य प्रदेश के हिंदी भाषा प्रेमियों ने तय किया है कि महाराष्ट्र में जिस तरह गैर-मराठी भाषियों पर अत्याचार के नए-नए तरीके निकाले जा रहे हैं, उसे रोकने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
भोपाल के गांधी भवन में आयोजित बैठक में पांच सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें तय किया गया कि भाषायी साम्राज्यवाद का प्रतिकार करने के लिए मध्य प्रदेश से एक दल महाराष्ट्र जाएगा। साथ ही हिंदी भाषियों में अपनी भाषा के प्रति चेतना पैदा करने का काम किया जाएगा और नामपट्ट हिंदी में लिखने का आग्रह किया जाएगा।
समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कहा कि हाल में महाराष्ट्र में जिस प्रकार हिंदी विरोध में हिंसक घटनाएं हुईं, उससे हिंदी को और धक्का पहुंचा है। इससे मराठी भाषायी साम्राज्यवाद जैसा वातावरण बना दिया गया है। यह केवल जनता के स्तर पर नहीं है, बल्कि इसके पीछे महाराष्ट्र की भाजपा सरकार की सुनियोजित योजना महसूस होती है।
डॉ. विजय बहादुर सिंह ने कहा कि हिंदी का प्रश्न राजनीतिक है और इसे इसी स्तर पर लड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सांस्कृतिक आंदोलन चलाने की भी बात कही।
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