DA, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और पदोन्नति की मांग ने पकड़ा जोर... 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल में कर्मचारी करेंगे मंत्रालय का घेराव
भोपाल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी 16 जनवरी 2026 को मंत्रालय के बाहर आंदोलन करेंगे। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के आह्वान पर यह आंदोलन आयोजित कि ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 04:15:52 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 04:15:52 AM (IST)
भोपाल में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 16 जनवरी को मंत्रालय का घेराव करेंगे। फाइल फोटोHighLights
- 16 जनवरी 2026 को मंत्रालय का घेराव होगा
- DA और राहत के अंतर को खत्म करने की मांग
- कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शीघ्र लागू करने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के आह्वान पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी 16 जनवरी 2026 को मंत्रालय का घेराव करेंगे। प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के बीच अंतर समाप्त करना, कंप्यूटर दक्षता के आधार पर अलग वेतन व्यवस्था समाप्त करना, परिवीक्षा अवधि में पूरा वेतन देना और लिपिकों की वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।
परिवीक्षा अवधि में वेतन विसंगति
महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन मिलता है। जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित अधिकारियों-कर्मचारियों को पूरी अवधि में पूरा वेतन मिलता है। कर्मचारी समान व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
अन्य प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना को शीघ्र लागू करने की मांग की है। साथ ही सहायक ग्रेड तीन से निरीक्षक पद के लिए विभागीय परीक्षा उचित माध्यम से कराने की भी मांग शामिल है। इसके अलावा संविदा-आउटसोर्स से स्थायीकर्मी बने कर्मचारियों के नियमितीकरण और समयमान वेतनमान लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
सरकार से असंतोष
कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि पिछले दो साल में सरकार ने कर्मचारियों की किसी भी मांग पर ध्यान नहीं दिया। न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया और पदोन्नतियों की प्रक्रिया उलझी हुई है। केंद्र के सामान तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता भी अब तक कर्मचारियों को नहीं दिया गया है।
आंदोलन का समर्थन
इस आंदोलन को कई कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। कर्मचारी मंच, मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, वाहन चालक कर्मचारी संघर्ष मोर्चा और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोर्चा सक्रिय रूप से इस आंदोलन में शामिल होंगे।