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एमपी के डिप्टी सीएम ने अपने OSD को हटाया, दीपम रायचुरा पर शराब ठेकों के बदले ₹1 करोड़ लेने का आरोप

मामला चर्चा में आने के बाद देवड़ा ने ओएसडी को हटाकर मूल विभाग (आबकारी) में भेज दिया है। सहायक आबकारी आयुक्त रायचुरा को अगस्त 2024 में उपमुख्यमंत्री का...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 08:25:13 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 08:25:13 PM (IST)
एमपी के डिप्टी सीएम ने अपने OSD को हटाया, दीपम रायचुरा पर शराब ठेकों के बदले ₹1 करोड़ लेने का आरोप
ओएसडी दीपम रायचुरा को मूल विभाग भेजा।

HighLights

  1. MP के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का एक्शन
  2. ओएसडी पर ₹1 करोड़ की रिश्वत का आरोप
  3. ओएसडी दीपम रायचुरा को मूल विभाग भेजा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए दिल्ली के ठग मोहित गोगिया ने उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) दीपम रायचुरा पर भोपाल में दो शराब दुकानें दिलाने के लिए एक करोड़ रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।

यह भी दावा किया गया है कि शराब दुकानें हासिल करने के लिए फर्जी सावधि जमा (एफडी) को स्वीकृत कराने में मदद की गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल जांच एजेंसी को दिए गोगिया के कथित बयान में उसने ये आरोप लगाए हैं।


अगस्त 2024 में उपमुख्यमंत्री का ओएसडी किया था पदस्थ

शुक्रवार को मामला चर्चा में आने के बाद देवड़ा ने ओएसडी को हटाकर मूल विभाग (आबकारी) में भेज दिया है। सहायक आबकारी आयुक्त रायचुरा को अगस्त 2024 में उपमुख्यमंत्री का ओएसडी पदस्थ किया गया था।

प्रवर्तन निदेशालय ने कथित 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मोहित गोगिया को गिरफ्तार किया है। उसे नवंबर 2025 में उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया था। इसके पहले दिल्ली क्राइम ब्रांच और वहां के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में उसके विरुद्ध कई प्रकरण दर्ज हैं।

साक्ष्य संकलन के लिए उसे तिहाड़ जेल से भोपाल लाया जाएगा। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में दावा किया गया है कि गोगिया ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी और वर्ष 2022-23 में भोपाल आया था।

मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में प्रकरण पंजीबद्ध

उसने सीहोर स्थित गायत्री फूड प्रोडक्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक किशन मोदी से भी बैंक का कर्ज सेटल कराने के नाम पर 13 करोड़ रुपये की ठगी की थी। बता दें कि किशन मोदी के विरुद्ध भी फर्जी प्रमाण पत्रों से दुग्ध उत्पाद बनाने और विदेश में बेचने के मामले में मध्य प्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में प्रकरण पंजीबद्ध है।

भोपाल आने के बाद उसकी मुलाकात ओएसडी दीपम रायचुरा से हुई। गोगिया ने अपने कथित बयान में यह भी कहा है कि उसने रायचुरा को दो किस्तों में एक करोड़ रुपये दिए थे। पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये नकद होशंगाबाद रोड क्षेत्र स्थित उसके फ्लैट से रायचुरा को दिए गए। दूसरी किस्त के 50 लाख रुपये आईएसबीटी क्षेत्र में होटल संचालित करने वाले एक होटल मालिक के माध्यम से दिए गए।

इस मामले में एक पुलिस अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारियों तक भी जांच की आंच पहुंच सकती है। रायचुरा से भी प्रतिक्रिया जानने के लिए संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

यह भी पढ़ें- इंदौर में RE-2 का रास्ता पूरी तरह साफ, नगर निगम ने हटाए 130 से ज्यादा मकान, 189 परिवारों को किया शिफ्ट

मामले की जांच के दिए आदेश : देवड़ा

जगदीश देवड़ा ने एक बयान जारी कर कहा है कि मीडिया के माध्यम से वर्ष 2024-25 में शराब ठेकों से संबंधित अनियमितताओं का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस अवधि में दीपम रायचुरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। उस समय वे मेरे ओएसडी के रूप में कार्यरत नहीं थे। मैंने विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच निष्पक्ष हो सके, इसलिए उन्हें ओएसडी के प्रभार से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

जीतू पटवारी ने सेवानिवृत्त जज से जांच कराने की मांग की

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश से मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही शराब ठेके की निविदा, बैंक एफडी, लाइसेंस और वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। प्रदेश की जनता को जवाब चाहिए।