
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। पंचायत सचिव हो या फिर रोजगार सहायक, इन्हें पंचायत भवन में बैठकर ही काम करना होगा। अपने घर या किसी अन्य कार्यालय से पंचायतें नहीं चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में मिली शिकायतों के आधार पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और यदि कहीं इसका पालन न हो रहा हो, तो फिर कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री और अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे तो यह शिकायत मिली कि सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक पंचायत भवन में नहीं बैठते हैं। वे या तो घर से पंचायत का काम करते हैं या फिर किसी दूसरे कार्यालय में बैठते हैं। कार्यालय के उपयोग के लिए दी गई सामग्री भी कार्यालय के स्थान पर अपने घर या दूसरे कार्यालय में रख रहे हैं।
आयुक्त पंचायत राज छोटे सिंह ने बताया कि विभाग ने निर्देश दिए हैं कि जहां पंचायत भवन हैं, वहां तय समय में कार्यालय संचालित हो। यदि भवन नहीं है तो फिर सामुदायिक या बहुउद्देशीय भवन में कार्यालय लगे। निजी आवास में पंचायत कार्यालय कतई संचालित न हो। हर स्तर पर निरीक्षण की व्यवस्था को लागू करें और यदि कोई कार्यालयीन समय में बिना उचित कारण के अनुपस्थित मिले तो कार्रवाई की जाए।
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