
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के हजारों कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता आखिरकार साफ हो गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को स्पष्टीकरण जारी कर दिया। इसमें पदोन्नति के समय 45 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी में पदोन्नति दी जाएगी और उन्हें कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (सीपीसीटी) के स्कोर कार्ड से छूट मिलेगी।
स्कोर कार्ड यानी प्रमाण पत्र की वैधता अवधि। यह सात वर्ष निर्धारित है, लेकिन पदोन्नति में इसकी छूट रहेगी मगर कंप्यूटर की अनिवार्यता रहेगी। नईदुनिया ने 12 अक्टूबर को बताया था कि एक-दो दिनों में पदोन्नति का रास्ता साफ हो सकता है।
सीपीसीटी की अनिवार्यता के चलते कृषि, उद्योग सहित अन्य विभागों ने चतुर्थ से सहायक ग्रेड तीन के पद पर पदोन्नत हुए कर्मचारियों को एक झटके में पदावनत कर दिया था। विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। इसके बाद राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा और अन्य कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव के समक्ष सीपीसीटी की अनिवार्यता को समाप्त करने का विषय उठाया था। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को सकारात्मक रवैया रखते हुए रास्ता निकालने के निर्देश दिए।
विभाग ने पुराने परिपत्र खंगाले और स्पष्टीकरण का प्रारूप तैयार किया। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को इसे दिखाया गया और मुख्यमंत्री के अनुमोदन सेइसे जारी कर सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भेजा गया है। इसमें पदोन्नति की पात्रता, परिवीक्षा अवधि और कंप्यूटर दक्षता से संबंधित शर्तें स्पष्ट की गई हैं।
आदेश के अनुसार पदोन्नति की तिथि पर 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सहायक ग्रेड-तीन के पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी स्कोर कार्ड से छूट दी जाएगी। हालांकि, ऐसे कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर दक्षता की अनिवार्यता बनी रहेगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित सीपीसीटी यदि किसी कर्मचारी ने उत्तीर्ण नहीं की है तो उसे पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाएगा, लेकिन दो वर्ष के भीतर उसे इसे उत्तीर्ण करना होगा। इस अवधि को बढ़ाकर अधिकतम पांच वर्ष किया जा सकता है। इस अवधि में भी यदि कर्मचारी सीपीसीटी उत्तीर्ण नहीं करता है तो उसे फिर चर्तुथ श्रेणी में कर दिया जाएगा। मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं से कंप्यूटर डिप्लोमा भी मान्य किया जाएगा।
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