
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। रेलवे में स्टेशन मास्टर बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। रेलवे बोर्ड ने सात अक्टूबर को जारी दिशा-निर्देशों में वर्ष 2026 से स्टेशन मास्टर के पदों के लिए अलग से भर्ती अधिसूचना जारी की है। इसके तहत अभ्यर्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी), कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (सीबीएटी), दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
चयन के लिए दोनों परीक्षाओं के अंकों को मिलाकर संयुक्त मेरिट तैयार की जाएगी। बोर्ड ने शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, मेडिकल स्टैंडर्ड और वेतनमान से संबंधित प्रावधान भी बताए हैं।
स्टेशन मास्टर भर्ती के पहले चरण में 100 अंकों की कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है। पहले चरण में प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शार्टलिस्ट किया जाएगा। प्रत्येक रेलवे भर्ती बोर्ड में उपलब्ध रिक्तियों के मुकाबले अधिकतम आठ गुना अभ्यर्थियों को सीबीएटी के लिए बुलाया जा सकेगा। इस परीक्षा में सफल होना आगे की चयन प्रक्रिया के लिए जरूरी होगा।
दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के लिए रिक्तियों के अनुपात में 1:1 के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इसके लिए सीबीटी के अंकों को 70 प्रतिशत और सीबीएटी के अंकों को 30 प्रतिशत वेटेज देकर संयुक्त मेरिट तैयार होगी। इसमें केवल सीबीएटी में सफल अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा।
स्टेशन मास्टर पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष योग्यता जरूरी है। निर्धारित आयु सीमा 20 से 33 वर्ष है। बोर्ड के संदर्भित पुराने आदेश के अनुसार तीन वर्ष की आयु छूट का भी उल्लेख किया गया है। इस पद का मेडिकल स्टैंडर्ड ए-2 निर्धारित है। सातवें वेतन आयोग के पे लेवल-6 के तहत शुरुआती मूल वेतन 35,400 रुपये प्रतिमाह होगा। इसके अलावा नियमानुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य भत्ते मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें- भोपाल का बनेगा 3D अवतार! बिना अनुमति निर्माण पर लगेगी रोक, जलभराव-ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति