
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के 10 लाख से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। जबकि, केंद्र सरकार जनवरी से अपने कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दे रही है। महंगाई भत्ता में वृद्धि का लाभ प्रदेश के कर्मचारियों को देने का मामला आठ माह से लंबित है। इसे बढ़ाने के लिए अब वित्त विभाग भारत सरकार द्वारा अगले माह की जाने वाली भत्ते में वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि यह तीन प्रतिशत बढ़ाया जा सकता है। जब वृद्धि होगी तब प्रदेश सरकार दो प्रतिशत की वृद्धि कर देगी। एरियर चार किस्तों में दिया जाएगा।
सैद्धांतिक तौर पर मध्य प्रदेश सरकार यह निर्णय कर चुकी है कि जब भारत सरकार महंगाई भत्ता बढ़ाएगी, उसके अनुपात में प्रदेश में भी वृद्धि उसी तिथि से लागू की जाएगी। ऐसा होता भी है, बस अंतर यह है कि इसमें पिछले कुछ समय से विलंब हो रहा है। अखिल भारतीय सेवा के मध्य प्रदेश में पदस्थ अधिकारियों को जनवरी से ही 60 प्रतिशत की दर से भत्ता मिल रहा है। इसे लेकर कर्मचारी संगठन आपत्ति भी जता चुके हैं। उधर, वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह नीतिगत मामला है।
पहले भी जब भत्ते में वृद्धि कुछ माह बाद दी गई तो भी किसी कर्मचारी को आर्थिक नुकसान नहीं हुआ क्योंकि एरियर समान किस्तों में दे दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार अक्टूबर में फिर महंगाई भत्ते में वृद्धि कर सकती है। एक साथ प्रदेश में तो चार-पांच प्रतिशत की वृद्धि नहीं दी जा सकती है लेकिन दो प्रतिशत भत्ता बढ़ा दिया जाएगा। इसका लाभ दीपावली से पूर्व मिल सकता है।
महंगाई राहत नहीं बढ़ाई तो नवरात्र के बाद आंदोलनउधर, रविवार को पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की भोपाल इकाई की बैठक में निर्णय लिया गया कि महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि और लंबित एरियर की राशि देने का निर्णय नहीं लिया गया तो मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन होगा।
संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि बैठक में प्रमुख रूप से वेतन आयोग के 59 माह के एरियर का भुगतान, पेंशनरों एवं उनके परिवार के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने तथा जनवरी 2026 से दो प्रतिशत मंहगाई राहत प्रदान करने की मांग उठाई गई।
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