
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ प्लास्टिक की बोतलों के इस्तेमाल को कम करने की दिशा में जिला पंचायत जबलपुर नई पहल करने जा रहा है। इसके लिए वह गांव में लगाए गए आरआे सिस्टम के पानी की बिक्री करेगा। यह पानी प्लास्टिक की बोतल की बजाए कांच की बोतल में बेचा जाएगा। पानी और पैकिंग दोनों की शुद्धता का ध्यान रखा जाएगा और इसे उन गांवों में शुरू करने की योजना है, जो मुख्य सड़क के आसपास बने हैं।
दरअसल पंचायत में 15वें वित्त की राशि से करीब साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से आरओ वाटर प्लांट स्थापित किया गया है। यहां ग्रामीणों और राहगीरों को एक रुपये में एक लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और इसे आगे बढ़ाते हुए शुद्ध पानी को कांच की बोतल में देने और फिर उपयोग के पास बॉटल वापस ली जाएगा, जिससे एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बोतलों का उपयोग कम किया जा सके।
योजना को फिलहाल प्रयोग के तौर पर शुरू किया जा रहा है। इसके सफल रहने पर इसे जिले की अन्य बड़ी ग्राम पंचायतों तक विस्तार देने की तैयारी है। सड़क किनारे ऐसे स्थानों पर भी आरओ प्लांट लगाने की योजना है, जहां ग्रामीणों के साथ राहगीरों को आसानी से शुद्ध पेयजल मिल सके।
योजना को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन विभाग की मदद से आरओ प्लांट से तैयार पानी को स्थानीय होटलों और पर्यटन से जुड़े स्थानों तक पहुंचाने की संभावना भी तलाशी जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार शुद्ध पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी और प्लास्टिक बोतलों की खपत कम करने में मदद मिल सकती है। पहला आरओ वाटर प्लांट ग्राम पंचायत में 15वें वित्त की राशि से करीब 8.50 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
प्लांट से पानी को आरओ प्रक्रिया के बाद बोतलों में भरकर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। एक लीटर पानी के लिए एक रुपये शुल्क प्रस्तावित है। कम कीमत रखने का उद्देश्य ग्रामीणों और आम लोगों को आसानी से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।
योजना का पर्यावरणीय पक्ष सबसे महत्वपूर्ण है। पानी लेने वाले व्यक्ति को कांच की बोतल उपलब्ध कराई जाएगी और इस्तेमाल के बाद बोतल वापस लेने की व्यवस्था रहेगी। इससे हर बार नई प्लास्टिक बोतल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बोतलों के पुन: उपयोग से प्लास्टिक कचरे को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती प्रयोग के परिणाम देखने के बाद योजना का विस्तार किया जाएगा। बड़ी ग्राम पंचायतों और प्रमुख सड़क मार्गों के किनारे ऐसे स्थान चिन्हित किए जा सकते हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर गुजरते हैं। उद्देश्य यह है कि कम कीमत में शुद्ध पानी उपलब्ध हो और साथ ही प्लास्टिक बोतलों पर निर्भरता भी घटे।
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हमने सालीवाड़ा में आरओ वाटर प्लांट लगाया है, जहां एक रुपये लीटर शुद्ध पानी मिलता है। अब हमारी योजना इस पानी को कांच की बाटल में देना है। इसके लिए हम जो कांच की बाटल देंगे, उसे वापस भी लेंगे। प्रयोगिक तौर पर हम यह कदम उठाने जा रहे हैं, सफल रहा और इसका विस्तार भी करेंगे। - अभिषेक गहलोत, सीईओ, जिला पंचायत, जबलपुर