• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

आंदोलन करेंगे एमपी के कर्मचारी, महंगाई भत्ता और CPCT को लेकर फूटा गुस्सा, 20 सितंबर को बुलाई आपात बैठक

20 सितंबर को भोपाल में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की प्रदेश महासमिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 07:29:16 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 07:29:16 PM (IST)
आंदोलन करेंगे एमपी के कर्मचारी, महंगाई भत्ता और CPCT को लेकर फूटा गुस्सा, 20 सितंबर को बुलाई आपात बैठक
20 सितंबर को भोपाल में जुटेगा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ। (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. कैशलेस इलाज और स्टाइपेंड व्यवस्था रद्द करने की मांग
  2. 20 सितंबर को भोपाल में जुटेगा तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ
  3. 2% DA और CPCT छूट पर बनेगी आंदोलन की रणनीति

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नौ माह से राज्य कर्मचारी दो प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने, अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने सहित अन्य कई मांगें कर रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा निर्णय नहीं लेने से नाराजगी है। 20 सितंबर को भोपाल में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की प्रदेश महासमिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

अनुकंपा नियुक्ति और सीपीसीटी की अनिवार्यता पर सरकार का रुख

संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने के निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग को दे चुके हैं लेकिन अब तक विभाग ने कोई आदेश, स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।


इसी तरह हाई कोर्ट बार-बार नवनियुक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रथम वर्ष में 70, द्वितीय में 80 और तृतीय वर्ष में 90 प्रतिशत वेतन के प्रविधान पर आपत्ति जता रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग के इससे संबंधित 2019 के परिपत्र को निरस्त भी कर दिया है लेकिन इस पर कोई निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।

यह भी पढ़ें- इंदौर एयरपोर्ट पर 8 माह में घटे 90 हजार हवाई यात्री, उड़ानों की संख्या भी 7.4% घटी, लेकिन प्रति फ्लाइट औसतन बढ़े पैसेंजर

महंगाई भत्ता और लंबित मांगें

भारत सरकार जनवरी 2026 से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 62 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता व राहत दिया जा रहा है लेकिन प्रदेश के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत की दर से ही भुगतान हो रहा है। नौ माह से इसमें वृद्धि की मांग की जा रही है मगर अब तक निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग भी वर्षों से लंबित है।