
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। कृषक कल्याण वर्ष में किसानों के हित में एक के बाद एक लिए जा रहे निर्णयों के क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और बड़ा निर्णय करते हुए तय किया है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी पर प्रति क्विंटल 40 रुपये बोनस दिया जाएगा। इसे मिलाकर किसान को प्रति क्विंटल 2,625 रुपये मिलेंगे। वहीं, गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि सात से बढ़ाकर दस मार्च कर दी गई है ताकि कोई भी पात्र किसान शेष न रहे।
उड़द की खरीदी पर प्रति क्विंटल 600 रुपये बोनस दिए जाने का निर्णय पहले ही किया जा चुका है। उपज का शत प्रतिशत उपार्जन भी किया जाएगा। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी भी की जाएगी लेकिन उड़द की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,885 रुपये निर्धारित किया गया है। गत वर्ष 175 रुपये बोनस देकर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नौ लाख से अधिक किसानों से 77 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। चूंकि, भारत सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है इसलिए 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। आज भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा में किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किये।
राज्य सरकार इस वर्ष गेहूं खरीदी पर ₹40 प्रति क्विंटल बोनस प्रदान करेगी।
गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च… pic.twitter.com/D0TYb2vdPJ
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 6, 2026
मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित समत्व कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है, जिसे आगामी वर्षों में पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई आने की बात रखी तो मुख्यमंत्री ने अंतिम तिथि बढ़ाने की भी घोषणा कर दी।
समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अब तक 12,04,708 किसान पंजीयन करा चुके हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है। ग्राम और जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के साथ प्राथमिक और विपणन सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र पर सुविधा दी गई है। साथ ही एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर भी व्यवस्था है।

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गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से पांच मई तक होगा। जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में उपार्जन 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। प्रदेश में गेहूं की बोवनी 97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। लगभग 350 लाख टन उत्पादन की संभावना है। गत वर्ष 80 लाख टन उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस बार इससे अधिक खरीदी हो सकती है। इसके लिए सरकार नागरिक आपूर्ति निगम को अपनी गारंटी पर भारतीय रिजर्व बैंक से ऋण दिलाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली दी जाएगी। इससे रात के समय सिंचाई के कारण होने वाली परेशानियों से बचा जा सकेगा। सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसका लाभ किसानों को होगा। बैठक में भारतीय किसान संघ की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, सिंचाई व्यवस्था के विस्तार आदि विषय रखे।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन घंटे की बैठक में सभी विषयों को लेकर निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है इसलिए यह व्यवस्था बना रहे हैं कि संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हो जाए। इसके लिए कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल को समन्वय करने का दायित्व दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।