
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2027 (जीआइएस) से पहले मध्य प्रदेश सरकार निवेश अनुकूल नीतियां लाएगी। इनमें औद्योगिक आवास, परमाणु, ओडीओपी-जीआइ टैग, कोयला गैसीकरण और कृषि प्रसंस्करण नीति लाई जाएगी।
इन नीतियों का ड्राफ्ट जल्द ही कैबिनेट में स्वीकृति के लिए लाया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य उद्योगों को मध्य प्रदेश की ओर आकर्षित करना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम और मध्य प्रदेश ईज आफ डूइंग बिजनेस नियम, 2026 लागू कर दिए हैं।
इंडस्ट्रियल हाउसिंग और कोल गैसीफिकेशन नीतिइंडस्ट्रियल हाउसिंग नीति के तहत औद्योगिक क्षेत्रों के भीतर या उनके नजदीक श्रमिकों के लिए कम लागत वाले मकान और हास्टल बनाने वाले विकासकर्ताओं (डेवलपर्स) को विशेष टैक्स छूट और सस्ती जमीन दी जाएगी। कोल गैसीफिकेशन नीति में कोयले से अमोनिया, मेथनाल और अन्य सिंथेटिक गैस बनाने वाले प्लांट लगाने वाली कंपनियों को पूंजीगत सब्सिडी और बिजली शुल्कों में राहत देने का प्रविधान किया जा रहा है।
न्यूक्लियर ऊर्जा नीति के तहत परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेश के सहयोग से सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और मप्र को क्लीन एनर्जी हब बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और नए विकल्पों के लिए इस क्षेत्र में निजी-सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग और ओडीओपी जीआइ टैग नीतियों में कृषि आधारित उद्योगों और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत आने वाले स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए लाजिस्टिक्स सपोर्ट और वित्तीय मदद दी जाएगी। राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव इसी माह चेन्नई में रोड शो करेंगे।
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