
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में अग्निशमन सेवाओं को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए मध्य प्रदेश अग्निशमन व आपातकालीन सेवा सामान्य नियम-2026 लागू कर दिए हैं।
इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी की गई है। नए नियमों के तहत अब प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं को बदला जाएगा। इसमें संपत्तियों पर फायर टैक्स लगाने के साथ भवनों की सालाना फायर ऑडिट अनिवार्य कर दी गई है।
नए नियमों के मुताबिक, सभी बहुमंजिला और तय श्रेणी के व्यावसायिक व आवासीय भवनों के मालिकों को हर साल 30 जून तक अपने भवन की फायर ऑडिट रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को सौंपनी होगी। यदि कोई भवन मालिक समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपता है, तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन माह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके बाद भी लापरवाही बरतने पर संबंधित भवन का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट निरस्त कर दिया जाएगा।
कुछ विशेष श्रेणी के भवनों को छोड़कर अन्य भवनों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट यानी NOC से छूट दी गई है, लेकिन व्यावसायिक और बड़े आवासीय परिसरों के लिए कड़े मापदंड तय किए गए हैं।
यह भी पढ़ें- 'लोकतंत्र बचाने जेल भी जाना पड़ा तो जाएंगे...', राहुल गांधी के साथ दिल्ली प्रोटेस्ट में डटी मध्य प्रदेश कांग्रेस टीम
आवासीय भवन 24 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 750 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र होने पर NOC जरूरी होगी। शैक्षणिक व संस्थागत भवन 15 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र पर नियम लागू होगा।
व्यावसायिक और असेंबली भवन 15 मीटर से अधिक ऊंचाई और प्रति फ्लोर 750 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र होने पर NOC अनिवार्य की गई है। औद्योगिक व खतरनाक श्रेणी के भवन बिना किसी ऊंचाई सीमा के तय क्षेत्रफल से अधिक होने पर सर्टिफिकेट लेना ही होगा।