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भोपाल: OBC आरक्षण पर बोले CM मोहन यादव- ' तत्कालीन सरकार का नोटिफिकेशन लचर था, विधिक परीक्षण कराएगी सरकार'

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के निर्णय का परीक्षण कर आगे की कानूनी कार्रवाई सु...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 09:07:52 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 09:07:52 AM (IST)
भोपाल: OBC आरक्षण पर बोले CM मोहन यादव- ' तत्कालीन सरकार का नोटिफिकेशन लचर था, विधिक परीक्षण कराएगी सरकार'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। फाइल फोटो।

HighLights

  1. ओबीसी आरक्षण मामले में हाई कोर्ट के निर्णय पर सरकार करेगी विधिक परीक्षण
  2. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर नियुक्ति के निर्देश दिए
  3. ओबीसी आरक्षण संबंधी पिछले नोटिफिकेशन को लचर और त्रुटिपूर्ण बताया

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हाई कोर्ट ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े प्रकरण में वर्ष 2019-22 के बीच की गईं नियुक्तियों के संबंध में महत्‍वपूर्ण निर्णय दिया है। राज्‍य सरकार हाई कोर्ट के इस निर्णय का विधिक परीक्षण कर आगामी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करके कहा कि कोर्ट ने 13 प्रतिशत अतिरिक्‍त नियुक्तियों को संरक्षित करते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने का निर्देश दिया है।

कमजोर था नोटिफिकेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट ने वर्ष 2022 के पश्‍चात निर्णय तिथि तक की गई भर्तियों के संबंध में 13 प्रतिशत होल्‍ड किए पदों पर अनारक्षित वर्ग के अभ्‍यर्थियों को नियुक्ति प्रदान करने का निर्देश दिया है।

तत्‍कालीन सरकार द्वारा अध्‍यादेश के माध्‍यम से लागू 27 प्रतिशत आरक्षण का नोटिफिकेशन लचर और त्रुटिपूर्ण था। यह कोर्ट के इस निर्णय से सिद्ध हो गया है।

यह भी पढ़ें- ओबीसी आरक्षण पर एमपी हाई कोर्ट में आमने-सामने रहे संविधान, आंकड़े और प्रतिनिधित्व के तर्क

जल्दबाजी में लाया गया अध्यादेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि तत्‍कालीन सरकार ने कतिपय कारणों से अत्‍यंत जल्‍दबाजी में यह अध्‍यादेश लाने का कार्य किया था। इस संबंध में राष्‍ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से भी सलाह नहीं ली गई थी।

कोर्ट के फैसले से तत्कालीन सरकार के 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मंशा पर संदेह उत्‍पन्‍न हुआ है।