
डिजिटल डेस्क। मध्य प्रदेश के शासकीय विभागों में रिक्त पड़े 85 हजार पदों को भरने की कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि सीधी भर्ती के साथ-साथ हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया से खाली हुई जगहों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। कर्मचारी चयन मंडल (ESB) और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) वर्ष 2026 में इन भर्तियों के विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया संपन्न कराएंगे।
प्रशासनिक कामकाज की सुगमता के लिए दिसंबर 2025 से रिक्तियों की समीक्षा कर लगभग एक लाख पदों पर बहाली के निर्देश दिए गए थे। एमपी ऑनलाइन के जरिए महिला एवं बाल विकास विभाग में 2,548 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा, एक दशक से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया के तहत प्रथम चरण में लगभग एक लाख कर्मचारियों को प्रोन्नति दी गई है, जिससे रिक्त हुए नए पदों का आकलन जारी है।
कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के जरिए पुलिस आरक्षक के 7,500, कृषि विस्तार अधिकारी के 2,784, पटवारी (दिव्यांग) व मंडल संयोजक के 2,506, उप अंकेक्षक व सहायक संपरीक्षक के 2,506, नर्सिंग ऑफिसर के 2,099 तथा वनरक्षक व जेल प्रहरी के 2,062 पदों समेत सूबेदार, आईटीआई ट्रेनिंग ऑफिसर और हॉस्पिटल असिस्टेंट के रिक्त पदों पर भर्ती होगी।
वहीं MPPSC के माध्यम से सहायक प्राध्यापक के 949, राज्य सेवा परीक्षा के 155 (डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी आदि), सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के 107, सहायक निदेशक के 71 और राज्य वन सेवा के 36 पदों पर विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
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तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि घोषणाओं का समयबद्ध विभागीय क्रियान्वयन और नियमित भर्ती प्रक्रिया बेहद आवश्यक है।