
नईदुनिया न्यूज, ओंकारेश्वर (खंडवा)। ममलेश्वर मंदिर में दर्शन के दौरान भीड़ में परिवार से बिछड़े एक मासूम को एक स्थानीय बालक की सूझबूझ और संवेदनशीलता ने कुछ ही देर में उसकी मां से मिला दिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने पर मां की आंखों में खुशी छलक उठी और परिवार ने स्थानीय बालक सहित मंदिर प्रबंधन का आभार जताया।
दर्शन के दौरान बच्चा अचानक अपने परिवार से अलग हो गया। भीड़ में अकेला पड़ने के बाद वह घबराकर इधर-उधर भटक रहा था। इसी दौरान एक स्थानीय बालक की नजर उस पर पड़ी। उसने बिना देर किए बच्चे को झूला पुल स्थित मंदिर के प्रोटोकॉल काउंटर पर पहुंचाया और मंदिर स्टाफ के सुपुर्द कर दिया।
मंदिर कर्मचारियों ने बच्चे को संभालते हुए उसे सांत्वना दी। साथ ही परिवार तक सूचना पहुंचाने के लिए मंदिर परिसर में लगातार घोषणाएं कराई गईं। कुछ देर बाद बच्चे की मां उसे तलाशते हुए झूला पुल काउंटर पर पहुंचीं। सामने अपने बच्चे को सुरक्षित देखते ही उनकी चिंता खुशी में बदल गई। भावुक मां ने बच्चे को गले लगा लिया।
परिवार ने बच्चे को सुरक्षित मिलाने में मदद करने वाले स्थानीय बालक और मंदिर प्रबंधन के प्रति आभार जताया। घटना ने यह भी दिखाया कि भीड़भाड़ वाले तीर्थ क्षेत्र में एक छोटी-सी सजगता किसी परिवार की बड़ी चिंता को खत्म कर सकती है।
श्री ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने यात्रियों से अपील की है कि भीड़ और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर निकटतम सहायता केंद्र से संपर्क करें। मंदिर प्रशासन ने यात्रियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
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