
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में कार्यरत हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए मोहन सरकार ने राहत भरी और बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई।
इस बैठक में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय योजना को अगले छह वर्षों यानी शैक्षणिक सत्र 2030-31 तक निरंतर संचालित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इसके लिए सरकार ने 5,329 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की सैद्धांतिक और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत और रिक्त पदों के विरुद्ध रखे गए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं अब बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी। सरकार के इस कदम से न केवल 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर संकट के बादल छंट गए हैं, बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था भी मजबूत होगी।
इस दीर्घकालिक वित्तीय योजना की मंजूरी से हर महीने मानदेय के भुगतान में होने वाली देरी की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
कैबिनेट में मानदेय विस्तार के अलावा कई अन्य प्रमुख प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई...
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