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एमपी के 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों का मानदेय 2030-31 तक मंजूर, कैबिनेट का बड़ा फैसला

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय योजना को अगले छह वर्षों यानी शैक्षणि...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 07:03:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 07:08:43 PM (IST)
एमपी के 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों का मानदेय 2030-31 तक मंजूर, कैबिनेट का बड़ा फैसला
76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों का मानदेय मंजूर

HighLights

  1. अतिथि शिक्षक योजना के संचालन के लिए ₹5,329 करोड़ स्वीकृत
  2. सरकारी स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था बिना रुकावट रहेगी जारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में कार्यरत हजारों अतिथि शिक्षकों के लिए मोहन सरकार ने राहत भरी और बड़ी सौगात दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई।

इस बैठक में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय योजना को अगले छह वर्षों यानी शैक्षणिक सत्र 2030-31 तक निरंतर संचालित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। इसके लिए सरकार ने 5,329 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि की सैद्धांतिक और प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों तक बनी रहेगी व्यवस्था

प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत और रिक्त पदों के विरुद्ध रखे गए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं अब बिना किसी व्यवधान के जारी रहेंगी। सरकार के इस कदम से न केवल 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के रोजगार पर संकट के बादल छंट गए हैं, बल्कि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में स्थित स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था भी मजबूत होगी।


इस दीर्घकालिक वित्तीय योजना की मंजूरी से हर महीने मानदेय के भुगतान में होने वाली देरी की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले: अग्निवीरों और स्कूली बच्चों को राहत

कैबिनेट में मानदेय विस्तार के अलावा कई अन्य प्रमुख प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई...

  • अग्निवीरों को 20% आरक्षण: सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले प्रदेश के लगभग 3,200 अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
  • गणवेश के लिए ₹600 डीबीटी: कक्षा पहली से आठवीं तक के 58 लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस सत्र में ड्रेस सिलवाकर देने के स्थान पर प्रति विद्यार्थी ₹600 सीधे अभिभावकों के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके लिए ₹348 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
  • दमोह-कटनी फोरलेन: 105 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को 4,470 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बनाया जाएगा।

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