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इंदौर में एआई ट्रेडिंग और मुनाफे का लालच देकर कंपनी कर्मचारी के साथ 7.20 लाख रुपये की साइबर ठगी

परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एआई आधारित ट्रेडिंग एप के जरिए भारी मुनाफे का झांसा देकर युवक से 7.20 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों न...और पढ़ें

By Pranay ChouhanEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 06:42:56 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 06:42:56 PM (IST)
इंदौर में एआई ट्रेडिंग और मुनाफे का लालच देकर कंपनी कर्मचारी के साथ 7.20 लाख रुपये की साइबर ठगी
कंपनी कर्मचारी के साथ 7.20 लाख रुपये की साइबर ठगी। (एआई इमेज)

HighLights

  1. परदेशीपुरा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ किया केस दर्ज
  2. एआई आधारित ट्रेडिंग एप के जरिए भारी मुनाफे का दिया झांसा
  3. पहले 100 डॉलर निवेश कराने के बाद 50 डॉलर की राशि वापस कर भरोसा जीता

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एआई आधारित ट्रेडिंग एप के जरिए भारी मुनाफे का झांसा देकर युवक से 7.20 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है।

ठगों ने पहले 100 डॉलर निवेश कराने के बाद 50 डॉलर की राशि वापस कर युवक का भरोसा जीता। इसके बाद बोनस, मेगा ट्रेड, ब्रोकरेज और टैक्स के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराते रहे। सोमवार को परदेशीपुरा पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

रोज 5 से 10 प्रतिशत मुनाफा मिलने का दिया लालच

पुलिस के अनुसार अनुसार फरियादी विजय बैरवा निजी कंपनी में काम करते हैं। सात अगस्त को मोबाइल पर अंकित पाल नाम के व्यक्ति का कॉल आया। उसने बताया कि वैल्यू ट्रेड नाम का एआई आधारित ट्रेडिंग एप है, जिसमें 100 डॉलर निवेश करने पर रोज 5 से 10 प्रतिशत मुनाफा मिलेगा।


विजय एप की लिंक नहीं खोल पाए तो आरोपित ने दस्तावेज लेकर खुद उनका ट्रेडिंग अकाउंट बना दिया। 10 अगस्त को विजय ने करीब 10 हजार रुपए जमा किए। अगले दिन एप पर बैलेंस 104 डॉलर दिखा। कुछ दिन बाद बैलेंस 152 डॉलर होने पर विजय ने 50 डॉलर विड्रा किए, जो उनके बैंक खाते में आ गए। इससे उन्हें एप और आरोपित पर भरोसा हो गया।

बोनस और मेगा ट्रेड के नाम पर बढ़ती गई रकम

20-21 अगस्त को आरोपित ने पांच हजार डॉलर का बोनस दिलाने के नाम पर 500 डॉलर यानी करीब 47 हजार रुपए जमा कराए। अगले दिन मेगा ट्रेड के नाम पर 62 हजार रुपये और जमा करवाए। 28 अगस्त को एप पर बैलेंस 19 हजार डॉलर से ज्यादा दिखाया।

आरोपित ने कंपनी की पालिसी बदलने का हवाला देकर रकम निकालने के लिए ब्रोकरेज चार्ज मांगा। विजय से करीब एक लाख रुपये और जमा करा लिए गए। एक सितंबर को अशोक नाम के व्यक्ति ने खुद को अकाउंट सेक्शन का कर्मचारी बताया और 15 हजार डाॉलर निकालने के लिए 750 डॉलर यानी करीब 71 हजार रुपये क्रॉस कंट्री टैक्स के नाम पर मांगे।

मनीष नाम के व्यक्ति ने भी राशि जमा कराने को कहा। अलग-अलग चार्ज और टैक्स के नाम पर आरोपितों ने विजय से कुल 7.20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। बार-बार रकम जमा करने के बावजूद विजय को रुपये वापस नहीं मिला, तो उन्होंने एप और कंपनी की जांच की। इस नाम से कोई अधिकृत एआई ट्रेडिंग कंपनी मौजूद नहीं है। ठगी का पता चलने पर साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की।

परदेशीपुरा पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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