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हिमालय से भी पुराना है मध्य प्रदेश का इतिहास, दुर्लभ मूर्तियों से लेकर पांडुलिपियों का है भंडार, लॉन्च हुआ विशेष एप

MP Archeology & Heritage: मध्य प्रदेश पुरातत्व संचालनालय एवं अभिलेखागार के आयुक्त मदन विभीषण नागरगोजे का कहना है कि मध्य प्रदेश विरासत प्रदेश, विश्व प्रदेश है।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 06:03:22 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 06:03:22 PM (IST)
हिमालय से भी पुराना है मध्य प्रदेश का इतिहास, दुर्लभ मूर्तियों से लेकर पांडुलिपियों का है भंडार, लॉन्च हुआ विशेष एप
ज्ञाना भारतम् मिशन से सहेजी जाएंगी ऐतिहासिक धरोहरें। (AI Generated Image)

HighLights

  1. ज्ञाना भारतम् मिशन से सहेजी जाएंगी ऐतिहासिक धरोहरें
  2. दुर्लभ पांडुलिपियों और सिक्कों के लिए लांच हुआ एप
  3. पुरातत्व आयुक्त मदन विभीषण नागरगोजे का खुलासा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश पुरातत्व संचालनालय एवं अभिलेखागार के आयुक्त मदन विभीषण नागरगोजे का कहना है कि मध्य प्रदेश विरासत प्रदेश, विश्व प्रदेश है। पुरातात्विक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण प्रदेश है।

गोंडवाना लैंड का इतिहास और महाद्वीपीय विस्थापन थ्योरी बताती है कि मध्य प्रदेश तब से है, जब हिमालय भी नहीं बना था। नर्मदा नदी गंगा से भी पुरानी है। यहां 6.5 करोड़ वर्ष पुराने डायनासोर के जीवाश्म मिल चुके हैं। डिंडौरी की घोड़ामाड़ा गुफा में ऐसी खोपड़ी मिल चुकी है, जो यह बताती है कि यहां मानव की उपस्थिति आज से लगभग आठ से 10 लाख वर्ष पहले से है। मध्य प्रदेश में दुर्लभ मूर्तियों व पांडुलिपियों का भंडार है।

'ज्ञान भारतम् मिशन' से पांडुलिपियों का संरक्षण

नईदुनिया सोमवारी विमर्श में उन्होंने केंद्र सरकार के 'ज्ञान भारतम् मिशन' के अंतर्गत पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, संग्रहण और संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि लोगों के पास से एक से एक दुर्लभ पांडुलिपियां मिली हैं।

इन्हें वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करने के बाद स्कैन कर इसकी मूल प्रति मालिक को दे दी जाती है। किसी के पास भी यदि ऐसी ऐतिहासिक धरोहर, जैसे हस्तलिखित पत्र, सिक्के, ताम्रपत्र आदि उपलब्ध हैं, तो वे ज्ञान भारतम् मिशन का एप्लीकेशन डाउनलोड कर इन्हें अपलोड कर सकते हैं। पुरातत्व विभाग की टीम उनके पास से इन्हें संग्रहीत करेगी। वैज्ञानिक तरीके से सफाई और मजबूती देने के बाद इन्हें स्कैन किया जाता है। बाद में संबंधित व्यक्ति को वापस कर दिया जाता है।


'देसी विक्रमादित्य ऐप' से हिंदी में मिलेंगी पांडुलिपियां

उन्होंने यह भी बताया कि पांडुलिपियां मोड़ी, बुंदेली, उर्दू जैसी भाषाओं में मिली हैं। इन सभी को हिंदी में सरल रूप में आमजन और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने के लिए देसी विक्रमादित्य एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है। ये पांडुलिपियां नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान अर्जन में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगी। विरासत तकनीक से किस तरह से जुड़ रही है, इसका यह बड़ा उदाहरण है।

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तात्या टोपे के पत्र और रानी लक्ष्मी बाई की दुर्लभ फोटो

आयुक्त ने बताया कि तात्याटोपे के हस्ताक्षर, उनके द्वारा लिखे गए सौ से अधिक पत्र, झांसी की रानी की उनके समय बनाई गई उनकी फोटो, अहिल्या गीता और देवी अहिल्याबाई से जुड़ी अन्य सामग्री मिली है। सभी को संरक्षित करने का काम चल रहा है।

इसी तरह दुर्लभ मूर्तियां भी मध्य प्रदेश में मिली हैं। सभी का अध्ययन कराया जा रहा है कि वे किस तरह से विशेष हैं। मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग के अधीन 500 पुरातात्विक स्मारक हैं, लेकिन जिस तरह से नई-नई चीजें सामने आ रही हैं, लोगों की मांग है कि ऐसी 5,000 धरोहरें हैं, जिन्हें स्मारक घोषित किया जाना चाहिए।

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