
राज्य ब्यूरो नईदुनिया, भोपाल। आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत हेल्थ केयर प्रोफेशनलों को पंजीकृत करने की अगस्त 2026 से शुरू व्यवस्था में अभी तक मध्य प्रदेश के 19 हजार हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स ने ही पंजीयन कराया है, जबकि प्रदेश में इनकी संख्या लगभग पांच लाख है।
सभी पैथी के मिलाकर एक लाख के लगभग तो डॉक्टर हैं। रजिस्ट्री तैयार होने का सबसे बड़ा लाभ आमजन को है। वे आयुष्मान भारत मिशन के पोर्टल से किसी डॉक्टर, पैरामेडिकल कर्मचारियों की जानकारी देख सकेंगे। इसमें उनकी योग्यता भी शामिल है।
बता दें कि इसमें हर पैथी के निजी और शासकीय स्वास्थ्यकर्मियों की रजिस्ट्री तैयार की जा रही है। स्वास्थ्यकर्मियों को खुद आवेदन करना होता है। इसके बाद संबंधित काउंसिल से सत्यापित होने के बाद उनका विवरण सार्वजनिक हो जाता है। इसी तरह से हेल्थ केयर संस्थाओं के पंजीयन में भी मप्र की स्थिति अच्छी नहीं है। प्रदेश आठवें नंबर पर है। इसमें सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश है।
नाम और व्यक्तिगत विवरण, संपर्क संबंधी जानकारी, संबंधित काउंसिल में पंजीयन की जानकारी, डिग्री/डिप्लोमा और शैक्षणिक योग्यता, विशेषज्ञता, अनुभव, वर्तमान कार्यस्थल या अस्पताल की जानकारी।
सबसे बड़ा लाभ यह कि देश में उपलब्ध डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की वास्तविक तस्वीर तैयार हो सकेगी। उदाहरण के तौर पर पता चल सकेगा किस राज्य में कितने डाक्टर हैं। प्रदेश में किस जिले में किस विशेषज्ञता के कितने डाक्टर हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता कितनी है। किन क्षेत्रों में इनकी कमी है। किस स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत ज्यादा है।
स्वास्थ्यकर्मी आनलाइन आवेदन करता है। संबंधित काउंसिल द्वारा सत्यापन किया जाता है। इसके बाद उसकी हेल्थ प्रोफेशनल आइडी तैयार हो जाती है। यानी सिर्फ आनलाइन फार्म भर देने से कोई व्यक्ति सत्यापित स्वास्थ्यकर्मी नहीं बन जाता।
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संबंधित काउंसिल का सत्यापन महत्वपूर्ण चरण है। इसका एक उद्देश्य फर्जी डाक्टर या अपात्र व्यक्ति को डिजिटल हेल्थ सिस्टम में शामिल होने से रोकना भी है।
| राज्य | संख्या |
| उत्तर प्रदेश | 1,14,604 |
| राजस्थान | 1,13,029 |
| महाराष्ट्र | 1,789 |
| आंध्र प्रदेश | 91,772 |
| कर्नाटक | 73,443 |
| बिहार | 60,152 |
| तमिलनाडु | 52,484 |
| केरल | 45,915 |
| बंगाल | 43,238 |
| गुजरात | 3,21,519 |
| छत्तीसगढ़ | 35,504 |
| राज्य | संख्या |
| उत्तर प्रदेश | 81,539 |
| कर्नाटक | 63,038 |
| आंध्र प्रदेश | 57,199 |
| महाराष्ट्र | 52,894 |
| राजस्थान | 52,826 |
| बिहार | 39,712 |
| तमिलनाडु | 22,191 |
| मध्य प्रदेश | 20,580 |