
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में कई बड़े बदलाव कर सकती है। इसमें सबसे अहम बात यह है कि अनुकंपा नियुक्ति लेने वाले को परिवार के साथ ही रहना होगा। वो नौकरी मिलने के बाद परिवार की जिम्मेदारियों से अलग नहीं हो सकता। वह माता या पिता के भरण पोषण से इन्कार नहीं कर सकता। ऐसा करने पर उसे नौकरी से हटाया जा सकता है।
इसके साथ ही अब अनुकंपा नियुक्ति वाले मामलों में कोई भी विभाग बिना किसी गंभीर कारण के नौकरी से नहीं निकाल सकेगा। वहीं कंप्यूटर दक्षता प्रमाण-पत्र (सीपीसीटी) की अनिवार्यता को भी समाप्त किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए वित्त विभाग से भी बात की है।
किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के लापता होने के मामले में भी बड़ा बदलाव हो सकता है। पहले यह मान लिया जाता था कि अगर कोई सात साल बाद तक नहीं लौटा तो उसकी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में उसके परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दे दी जाती थी।
इस नियम में यह बदलाव हो सकता है कि अगर सात साल बाद पता चला कि गुम अधिकारी या कर्मचारी अब भी जीवित है जो जिसने अनुकंपा नियुक्ति ली है उसे नौकरी से हटाया जाएगा।
सीपीसीटी के लिए मिलता है 3 से 4 साल का समय
अनुकंपा नियुक्ति वालों के लिए कंप्यूटर दक्षता प्रमाण-पत्र (सीपीसीटी) के लिए 3 साल तक समय मिलता है, विशेष परिस्थितियों में इसे एक साल बढ़ाया जा सकता है। अगर इस दौरान कर्मचारी सीपीसीटी पास नहीं कर पाया तो उसको नौकरी से हटाया जा सकता है।