MP Metro Rail: इंदौर में जुलाई और भोपाल में सितंबर से चलने लगेगी मेट्रो रेल
MP Metro Rail: भोपाल में सात और इंदौर में 6.3 किमी के प्राथमिकता कारिडोर में प्रारंभ होगी सेवा, टिकट लेकर कर सकेंगे यात्रा। ...और पढ़ें
By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 19 Feb 2024 10:18:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Feb 2024 10:56:37 PM (IST)
इंदौर मेट्रो रेल।MP Metro Rail: नवदुनिया राज्य ब्यूरो, भोपाल। भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन में नागरिकों को यात्रा की सुविधा जल्द प्रारंभ होगी। इंदौर में जुलाई और भोपाल में सितंबर से प्राथमिकता कारिडोर में परिचालन प्रारंभ होगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने तैयारियां कर ली हैं। दोनों ही शहरों में ट्रायल रन हो चुका है। यह जानकारी विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा सोमवार को मंत्रालय में मेट्रो ट्रेन परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने दी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में सात और इंदौर में 6.3 किलोमीटर के प्राथमिक कारिडोर में नागरिक सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। भोपाल में सुभाष नगर से लेकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक तीन अक्टूबर 2023 को ट्रायल रन किया गया था। जबकि, इंदौर में प्राथमिकता कारिडोर में ट्रायल रन 30 सितंबर 2023 को किया था। यहां जुलाई 2024 से वाणिज्यिक परिचालन प्रारंभ हो जाएगा यानी नागरिक टिकट लेकर यात्रा कर सकेंगे।
वहीं, भोपाल में यह सुविधा सितंबर से मिलने लगेगी। सुभाष नगर से एम्स तक सात किलोमीटर परिचालन होगा। बैठक में विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोपाल और इंदौर में जनसंख्या का घनत्व कम हो, इसे ध्यान में रखते हुए मेट्रो सेवा विस्तार की योजना तैयार की जाए।
भोपाल में 27.87 किलोमीटर लंबाई की मेट्रो पर लगभग सात हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, इंदौर मेट्रो का कारिडोर 31.55 किलोमीटर का तैयार किया जा रहा है। इस पर 7,501 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह दोनों परियोजनाएं दिसंबर 2026 तक पूरी की जाएंगी।
अमृत मिशन के काम का मैदानी अमले से कराएं अध्ययन - बैठक में निर्देश दिए गए कि अमृत मिशन 1.0 में जल आपूर्ति, सीवरेज, शहरी परिवहन, पार्क और स्ट्राम वाटर के तहत हुए विकास कार्यों का लाभ शहरी क्षेत्र के नागरिकों तक पहुंचा है। इसका अध्ययन मैदानी अमले से कराएं।
आगामी बैठक में इसकी समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। नगरीय क्षेत्र में पेयजल से संबंधित कार्य आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।