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दूध शुद्ध या मिलावटी? भोपाल में प्रदेश की पहली हाईटेक डेयरी लैब तैयार, 100+ मानकों पर होगी जांच

भोपाल में 12.40 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश की पहली सहकारी डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला तैयार हुई। यहां दूध और दुग्ध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर ज...और पढ़ें

By anjali tomarEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 08:10:50 AM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 08:10:50 AM (IST)
दूध शुद्ध या मिलावटी? भोपाल में प्रदेश की पहली हाईटेक डेयरी लैब तैयार, 100+ मानकों पर होगी जांच
भोपाल में प्रदेश की पहली हाईटेक डेयरी लैब तैयार। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भोपाल में प्रदेश की पहली सहकारी डेयरी प्रयोगशाला तैयार।
  2. प्रयोगशाला निर्माण पर 12.40 करोड़ रुपये का अनुदान मिला।
  3. दूध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर जांच होगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की जांच के लिए मध्य प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन, भोपाल परिसर में सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला तैयार हो गई है।

उपभोक्ताओं और संस्थाओं के लिए जांच की सुविधा

इसमें आम उपभोक्ताओं के साथ खाद्य उत्पादक संस्थाएं भी दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच करा सकेंगी। प्रयोगशाला का निर्माण केंद्र सरकार के नेशनल प्रोग्राम फार डेयरी डेवलपमेंट (एनपीडीडी) के तहत किया गया है।

100 से अधिक मानकों पर होगी अत्याधुनिक उपकरणों से जांच

प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। यहां दूध और दुग्ध उत्पादों की 100 से अधिक मानकों पर जांच की जाएगी। इसमें पेस्टिसाइड्स, एंटीबायोटिक्स, हेवी मेटल्स, अफ्लाटाक्सिन, वसा की शुद्धता, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के साथ यूरिया, आयोडीन, माल्टोज, शुगर, नमक और अन्य मिलावट की जांच शामिल है।

12.40 करोड़ का अनुदान और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का उद्देश्य

  • प्रयोगशाला के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने 12.40 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इसे जल्द ही जांच के लिए शुरू किया जाएगा। प्रयोगशाला को एनएबीएल और एफएसएसएआइ से मान्यता मिलने की प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है।

  • इसका उद्देश्य दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करना है। इस सुविधा से उपभोक्ताओं को दूध की शुद्धता को लेकर जांच की सुविधा मिलेगी।
  • खाद्य उत्पादक संस्थाएं भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगी। इससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और मिलावट पर निगरानी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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