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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। बुधवार को भी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों एवं तेलंगाना के अधिकांश क्षेत्रों में मानसून पहुंच गया है। मध्य प्रदेश में मानसून की झमाझम वर्षा के लिए अभी लगभग एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में कहीं-कहीं मानसून पूर्व की वर्षा का सिलसिला बना हुआ है।
इसी क्रम में बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में 12, दमोह में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। खजुराहो, छतरपुर एवं निवाड़ी में लू चली। आठ शहरों में अधिकतम तापमान 44 से 45.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वातावरण शुष्क बना रहने के कारण अभी ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में तपिश बरकरार रहेगी।

भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं तेज रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है। वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में हवा का रुख पश्चिमी बना हुआ है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं के साथ नमी आने से बादल बने हुए हैं। इस वजह से तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना कम है, लेकिन वातावरण में उमस बढ़ेगी। मौसम लगातार शुष्क बना रहने के कारण ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक बना रहने के आसार हैं। भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर एवं उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की भी संभावना लगातार बनी हुई है।