
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल: नीट पीजी 2025 (एमडी/एमएस पाठ्यक्रम) में प्रवेश के लिए मध्य प्रदेश में होने वाला स्टेट मॉप-अप राउंड फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला ऑल इंडिया थर्ड राउंड की काउंसलिंग में देरी के चलते लिया गया है।
संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई), मध्यप्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राज्य स्तरीय माप-अप राउंड सात जनवरी 2026 से शुरू होना था, लेकिन अब इसे अगले आदेश तक टाल दिया गया है। आल इंडिया और राज्य काउंसलिंग के संशोधित समय-सारणी की घोषणा होने के बाद माप-अप राउंड की नई तिथियां जारी की जाएंगी।
डीएमई ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से चिकित्सा शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.medicaleducation.mp.gov.in और एमपी आनलाइन पोर्टल पर नजर बनाए रखें, ताकि किसी भी नए अपडेट की जानकारी समय पर मिल सके।
चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि जैसे ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) द्वारा ऑल इंडिया काउंसलिंग का संशोधित शेड्यूल जारी किया जाएगा, उसी के अनुरूप राज्य स्तर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षक चयन परीक्षाओं में कम पद घोषित किए जाने के खिलाफ माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा के पात्र अभ्यर्थियों ने मंगलवार को आंदोलन किया। प्रदेशभर से करीब एक हजार पात्र अभ्यर्थी पहले चिनार पार्क पहुंचे। उसके बाद पैदल चलकर लोक शिक्षण संचालनालय(डीपीआई) और जनजातीय कार्य विभाग का संयुक्त घेराव किया।
यहां पर उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया। पात्र अभ्यर्थियों ने बताया कि हजारों पद रिक्त होने के बावजूद भर्ती में घोषित सीटें कम साबित हो रही हैं। इससे न सिर्फ योग्य अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं, बल्कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन और भूख हड़ताल जैसे चरण में बदला जाएगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी राजपत्र के अनुसार 27 दिसंबर 2024 तक माध्यमिक शिक्षकों के करीब 99,197 और प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 1,31,152 पद रिक्त हैं। इसके बावजूद वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षकों के सिर्फ 10,800 और प्राथमिक शिक्षकों के 13,089 पदों पर ही नियुक्ति की जा रही है।
पात्र अभ्यर्थियों का कहना है कि वास्तविक जरूरत के मुकाबले घोषित पद बेहद कम हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को मौका नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने डीपीआई से स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के बंगले पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उसमें कई प्रमुख मांगें रखी हैं।
इनमें शिक्षक भर्ती वर्ग-2 के सभी विषयों में कम से कम तीन-तीन हजार पदों की वृद्धि, प्राथमिक शिक्षक भर्ती(वर्ग-3) में पदों की संख्या बढ़ाकर 25 हजार करना और द्वितीय काउंसिलिंग जल्द शुरू करना शामिल है। अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि जब तक शिक्षक भर्ती 2025 पद वृद्धि के साथ पूरी नहीं हो जाती, तब तक नई पात्रता परीक्षा आयोजित न की जाए।