
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अब तक 3.88 लाख से अधिक घरेलू पीएनजी कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं। वाहनों के लिए 433 सीएनजी स्टेशन भी शुरू हो चुके हैं। पाइपलाइन पहुंचने के 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना होगा। दोहरे कनेक्शन की अनुमति नहीं है।
पीएनजी कनेक्शन के 30 दिनों में एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं को भविष्य में ऐसे क्षेत्रों में एलपीजी की जरूरत हो, जहां पीएनजी उपलब्ध नहीं है, वे ट्रांसफर वाउचर (टीवी) प्राप्त कर सकते हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्य प्रदेश शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति में प्रावधान है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध करा दी गई है, वहां उपभोक्ताओं को नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य है।
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निर्धारित अवधि में कनेक्शन नहीं लेने पर एलपीजी आपूर्ति बंद करने का प्रावधान नीति में है। पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ता एलपीजी और पीएनजी दोनों का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
प्रदेश के 55 जिलों को कवर करने वाले 25 भौगोलिक क्षेत्रों में 10 कंपनियां काम कर रही हैं। पाइपलाइन बिछाने और नेटवर्क विस्तार के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था से समयबद्ध अनुमतियां भी दी जा रही हैं।