सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ MP का नया 'कवच', जिला अस्पतालों में प्री-कैंसर घावों को जलाकर खत्म करेगी नई थर्मल डिवाइस
MP News: अब सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रारंभिक इलाज के लिए महिलाओं को भोपाल, इंदौर या अन्य महानगरों के बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 02:18:41 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 02:18:41 PM (IST)
जिला अस्पतालों में प्री-कैंसर घावों को जलाकर खत्म करेगी नई थर्मल डिवाइस (सांकेतिक तस्वीर)HighLights
- प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को मिलेगी थर्मल डिवाइस
- मध्य प्रदेश ने कैंसर मुक्त भविष्य की ओर कदम बढ़ाया है
- प्री-कैंसर घावों को जलाकर खत्म करेगी नई थर्मल डिवाइस
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अब सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रारंभिक इलाज के लिए महिलाओं को भोपाल, इंदौर या अन्य महानगरों के बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को अत्याधुनिक 'थर्मल एब्लेशन डिवाइस' उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। यह मशीन सर्वाइकल कैंसर से लड़ाई में एक मजबूत 'कवच' का काम करेगी। बीमारी को गंभीर होने से पहले ही रोक देगी।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी मदद से गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में पनप रही छोटी गांठों, असामान्य कोशिकाओं या प्री-कैंसर घावों को जिला स्तर पर ही जलाकर नष्ट किया जा सकेगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि बीमारी को प्रथम चरण से आगे बढ़ने से पहले ही खत्म कर दिया जाएगा। इससे मरीजों को भविष्य में होने वाली कष्टदायक और महंगी प्रक्रियाओं-जैसे रेडिएशन थैरेपी, कीमोथैरेपी या गर्भाशय निकालने जैसी बड़ी सर्जरी से बचाया जा सकेगा। समय और धन की होगी बचत इस नई व्यवस्था से विशेषकर ग्रामीण अंचल की महिलाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।
लोगों का समय और पैसे दोनों बचेंगे
स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने से उनके समय और धन की बचत होगी। साथ ही बड़े चिकित्सा संस्थानों पर मरीजों का अनावश्यक दबाव भी कम होगा। स्क्रीनिंग की सुविधा फिलहाल उन प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्राथमिकता से दी जा रही है, जहां महिला डाक्टर पदस्थ हैं, ताकि मरीज सहज महसूस कर सकें।
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इनका कहना है थर्मल एब्लेशन डिवाइस से प्री-कैंसर मामलों का उपचार जिला स्तर पर ही संभव हो पाएगा। केवल गंभीर मामलों में ही मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। - डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम)।