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नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अयोध्यानगर स्थित रीगल ट्रेजर काम्पलेक्स में एक मां के सामने उसकी बेटी ने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। किशोरी मनोरोग से पीड़ित थी और पहले भी इस तरह के कदम उठाने की चेष्टा कर चुकी थी। रविवार को भी जब वह फ्लैट का दरवाजा खोलकर बाहर निकली तो अनहोनी की शंका में उसकी मां पीछा करने लगी। बेटी को छत की ओर जाते दिख मां की चिंता बढ़ी तो वह तेजी से उसका पीछा करने लगी।
किशोरी ने छत पर पहुंचकर बाउंड्री की दौड़ लगा दी, उसकी मां ने तेज-तेज आवाज लगाकर उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन बेटी ने एक नहीं सुनी और पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। बिल्डिंग के बाहर उसका खून से लथपथ शव पड़ा मिला। अयोध्यानगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल भिजवाया। पुलिस को मिली प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोरी तीन साल से मनोरोग से जूझ रही थी और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि 19 वर्षीय अश्वी वर्मा रीगल ट्रेजर काम्पलेक्स में अपने परिवार के साथ रहती थी। उसके पिता वीरेंद्र वर्मा ड्रोन बनाने वाली टेक कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां भी सरकारी सेवा में है और वर्तमान में विदिशा में पदस्थ हैं। लेकिन बेटी के इलाज और देखरेख के चलते छुट्टी लिए थीं। अश्वी पिछले तीन साल से गंभीर रुप से मानसिक बीमारी से पीड़ित थी।
कई इलाज में उसका उपचार चला था, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। वे बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर रहते थे। रविवार करीब 1:30 बजे अश्वी और उसकी मां घर में मौजूद थे। अश्वी ने बताया कि वो घबराहट महसूस कर रही है और दरवाजा खोलकर नीचे जाने की बात मां को बताई। उसकी मां भी पीछे से आई तो वह नीचे की बजाए छत की ओर जाते दिखी। वहीं पीछा करते-करते छलांग लगा दी। पुलिस सभी पहलूओं पर जांच कर रही है।