
सौरभ सोनी, भोपाल। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अब तक घोषित प्रत्याशियों के चयन में सभी को चौंका दिया है। तीन केंद्रीय मंत्री सहित सात सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा गया है। प्रत्याशी चयन में अल्पकालिक विस्तारकों की रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण माना गया है। 23 ऐसे प्रत्याशियों पर भरोसा जताया गया है, जिन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में हार मिली थी।
पिछले माह चार राज्यों के प्रवासी विधायक मध्य प्रदेश में भाजपा के पक्ष में चुनावी माहौल देखने सात दिन 230 विधानसभा क्षेत्रों में गए थे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के भी अल्पकालिक विस्तारकों को अलग- अलग विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया था। इनकी रिपोर्ट को आगे भी टिकट वितरण में महत्व दिया जाएगा।
भाजपा ने अन्य राज्यों के विधायकों को प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर एक दिन का प्रशिक्षण देखकर सात दिन के प्रवास पर भेजा था। 20 अगस्त से भाजपा का यह प्रयोग शुरू हुआ था और 28 अगस्त तक चला। प्रवासी विधायकों ने संगठन द्वारा तय किए गए मापदंड़ों के आधार पर निर्धारित विधानसभा क्षेत्र में प्रवास किया था। इन विधायकों का अधिकांश समय कार्यकर्ताओं के बीच बीता। इसके अलावा इन्होंने प्रबुद्धजनों से संवाद कर विधानसभा क्षेत्र के जीत- हार के गणित समझे।

प्रवासी विधायकों की रिपोर्ट नेतृत्व तक पहुंची थी और वह टिकट वितरण का आधार भी बनी। अब देश भर के चयनित प्रवासी कार्यकर्ताओं को प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया है। ये भी अब विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का जीत-हार का गणित समझेंगे। बता दें, 27 जून को भोपाल में 'मेरा बूथ-सबसे मजबूत' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि जिन प्रदेशों में चुनाव हो रहे हैं वहां अल्पकालिक विस्तारक भेजे जा सकते हैं। मोदी के इस मंत्र को आत्मसात कर भाजपा ने अल्पकालिक विस्तारक भेजे भी। इस प्रयोग के बेहतर परिणाम भी देखने को मिले हैं।