
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के निजी नर्सिंग कालेजों में एक से एक बड़े फर्जीवाड़े उजागर हो चुके हैं। लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने भी मापदंडों को लेकर कालेजों की जांच की थी। अब वर्ष 2026-27 के सत्र के लिए मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच अच्छी खबर यह है कि 45 नए कॉलेज खोलने के लिए मप्र नर्सिंग काउंसिल के पास आवेदन आए हैं।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी और शासकीय मिलाकर 327 कॉलेजों को मान्यता मिली थी, जबकि इस वर्ष नवीनीकरण और नए मिलाकर 370 आवेदन आए हैं। काउंसिल के अधिकारियों का कहना है जो नए कालेज अब खुलेंगे वे मान्यता की कसौटी पर पूरी तरह से खरे रहेंगे। आवेदन भी उन्हीं कालेजों के लिए आ रहे हैं, जिनके पास पर्याप्त संसाधन हैं।
कारण, कॉलेज खोलने वालों को भी पता है कि मापदंडों को लेकर हाई कोर्ट की निगरानी में कड़ाई से निरीक्षण किया जाना है। सभी कालेजों को मान्यता मिलती है तो इनमें नर्सिंग की डिग्री और डिप्लोमा मिलाकर लगभग 30 हजार सीटें होंगी।
नर्सिंग कालेजों का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हाई कोर्ट के निर्देश पर पहली बार इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आइएनसी) के नियमों के अनुसार प्रदेश के नर्सिंग कालेजों में प्रवेश होने हैं। मान्यता से लेकर प्रवेश तक का कैलेंडर आइएनसी के अनुसार तैयार किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कलेक्टरों को नर्सिंग कालेजों का निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी दी गई है। एक जुलाई से निरीक्षण प्रारंभ होना था। 15 जुलाई तक कालेजों की मान्यता जारी की जानी थी।
हाल यह है कि अभी निरीक्षण ही कई जिलों में प्रारंभ नहीं हो पाया है। 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी है। इस वर्ष जीएनएम (डिप्लोमा) में प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर होना है। बीएससी नर्सिंग के लिए प्रवेश परीक्षा कर्मचारी चयन मंडल से आयोजित की जा चुकी है। कालेजों को मान्यता मिलने पर काउंसलिंग प्रारंभ होगी।
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