
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती की अधिसूचना कानूनी विवादों में घिर गई है। प्रदेश के अनुभवी नर्सिंग आफिसरों ने इसे वर्ष 2024 के राजपत्र (गजट) का उल्लंघन बताते हुए हाई कोर्ट की शरण ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
अधिवक्ता अभिषेक पांडेय और अंशुल तिवारी ने 67 नर्सिंग आफिसरों की ओर से दायर याचिका में दलील दी कि वर्ष 2024 की गजट अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के 100 प्रतिशत पद पदोन्नति (प्रमोशन) से भरे जाने चाहिए थे, लेकिन विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर 40 पदों को सीधी भर्ती के लिए विज्ञापित कर दिया। इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भी 60 प्रतिशत पदोन्नति का कोटा खत्म कर सभी पद सीधी भर्ती से निकालने का आरोप लगाया गया है।
संकट में लिया काम, अब हक से किया महरूम याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सीबीआई जांच के दौरान जब नर्सिंग कालेजों में फैकल्टी का गंभीर संकट खड़ा हुआ था, तब शासन ने इन्हीं अनुभवी नर्सिंग आफिसरों को अस्थायी प्रभार देकर वर्षों तक असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं लीं। अब जब नियमितीकरण और पदोन्नति का समय आया, तो विभाग ने अनुभवी हाथों को मौका देने के बजाय नई भर्ती निकालकर उनके साथ अन्याय किया है। याचिकाकर्ताओं में ऐसे नर्सिंग आफिसर शामिल हैं जिनके पास 10 से 25 वर्षों तक का लंबा अनुभव है।
अब न्यायिक निगरानी में होगी भर्ती न्यायमूर्ति विशाल धगत की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि चयन मंडल की यह भर्ती प्रक्रिया अब याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इसका अर्थ है कि यदि हाई कोर्ट याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाता है तो भर्ती प्रक्रिया पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस आदेश के बाद उन नर्सिंग आफिसरों में उम्मीद की किरण जगी है, जो लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे।
हाई कोर्ट में उठाए गए प्रमुख सवालनियमों का उल्लंघन : गजट 2024 में पदोन्नति के लिए आरक्षित पदों को सीधी भर्ती में क्यों बदला गया?अनुभव की अनदेखी : 25 साल तक सेवा देने वाले अनुभवी आफिसरों को नियमित पदोन्नति क्यों नहीं दी गई?अस्थायी प्रभार : यदि आफिसर ऊंचे पदों के लिए अयोग्य थे, तो वर्षों तक उनसे उन पदों पर काम क्यों लिया गया?