• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP OBC Reservation: कांग्रेस कानूनी लड़ाई से हटी पीछे, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाएगी संकल्प

अब जब विधानसभा का शीतकालीन सत्र आ रहा है तो कांग्रेस ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करने के लिए संकल्प ला रही है। कांग्रेस इस संकल्प के जरिये भाजपा की घेराबंदी करना चाहती है।

By Dhananajay Pratap SinghEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 05:33:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 05:33:22 PM (IST)
MP OBC Reservation: कांग्रेस कानूनी लड़ाई से हटी पीछे, विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाएगी संकल्प
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संकल्प लाएगी कांग्रेस।

HighLights

  1. एमपी में 27% ओबीसी आरक्षण पर फिर गरमाई सियासत
  2. विधानसभा के शीतकालीन सत्र में संकल्प लाएगी कांग्रेस
  3. विधानसभा में संकल्प लाकर भाजपा को घेरने की तैयारी

धनंजय प्रताप सिंह, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की तत्कालीन कमल नाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में जब इसे चुनौती देने की बारी आई तो कांग्रेस ने सीधी लड़ाई के बजाय ओबीसी महासभा को आगे कर दिया।

अब जब विधानसभा का शीतकालीन सत्र आ रहा है तो कांग्रेस ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करने के लिए संकल्प ला रही है। कांग्रेस इस संकल्प के जरिये भाजपा की घेराबंदी करना चाहती है, ताकि वह इसका राजनीतिक लाभ ले सके।


दोनों ही दल इन्हें साधने में लगे

दरअसल, भाजपा के सामने संकट यह है कि विधानसभा में यदि वह संकल्प का विरोध करती है तो कांग्रेस को लाभ मिलेगा और समर्थन करती है तो एसटी-एससी और सवर्ण नाराज होंगे। मध्य प्रदेश में ओबीसी वोटर लगभग 48 प्रतिशत हैं, इसलिए दोनों ही दल इन्हें साधने में लगे रहते हैं।

हाई कोर्ट की रोक और 87-13 का फार्मूला

दरअसल, ओबीसी आरक्षण पर सियासत के इस खेल की शुरुआत 2019 से होती है जब कमल नाथ सरकार ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का अध्यादेश लाई थी। इसे हाई कोर्ट में चुनौती मिली और जस्टिस रवि श्रीवास्तव की बेंच ने 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का हवाला देकर इस पर रोक लगा दी।

इसके बाद से प्रदेश में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत पर ही अटका है और भर्तियां 87-13 के फार्मूले पर हो रही हैं। जब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बारी आई तो कांग्रेस ने खुद पैरवी करने के बजाय रणनीति बदली और ओबीसी महासभा और पिछड़ा वर्ग संगठनों को आगे कर दिया।

पार्टी का अंदरूनी आकलन था कि सुप्रीम कोर्ट में इंदिरा साहनी केस की 50 प्रतिशत की बाधा नहीं टूटेगी और हार से पार्टी पर आरक्षण विरोधी का लेबल लग जाएगा।

यह भी पढ़ें- राजगढ़ में बिजली कटौती पर बवाल, दफ्तर में ग्रामीणों और कर्मचारियों में हाथापाई, जेई और ग्रामीण घायल

शीतकालीन सत्र में भाजपा की घेराबंदी की तैयारी

अब कांग्रेस विधानसभा में संकल्प लाकर भाजपा को उसी के जाल में फंसाना चाहती है। कांग्रेस का प्लान है कि भाजपा अगर संकल्प का विरोध करती है तो उसे ओबीसी विरोधी बताया जाए और अगर समर्थन करती है तो गेंद केंद्र सरकार के पाले में चली जाएगी कि 50 प्रतिशत की सीमा हटाने के लिए संविधान संशोधन लाए। भाजपा इस समय बैकफुट पर है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मांग की है कि यदि भाजपा सरकार की नीयत साफ है, तो वह तुरंत विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए और नया अध्यादेश लाकर आरक्षण पारित करे।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।