
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27 प्रतिशत आरक्षण की रक्षा और लंबित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने मोर्चा खोला है। महासभा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य कमलेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर, भोपाल के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर उच्च न्यायालय के 9 अक्टूबर 2026 के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की मांग की है। इसके लिए तत्काल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर करने की मांग उठाई गई है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ओबीसी आरक्षण के मामले में सरकार की कार्ययोजना सार्वजनिक करने और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है। महासभा ने आरक्षण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक मामलों में सरकार की भूमिका स्पष्ट करने पर भी जोर दिया।
कमलेंद्र सिंह ने ज्ञापन में 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर लंबित भर्तियों की भर्तीवार सूची जारी करने की मांग की। साथ ही प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अंतरिम राहत मांगे जाने की बात कही।
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ज्ञापन में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की भूमिका स्पष्ट करने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की पहल करने, आरक्षण के समर्थन में प्रमाणिक आंकड़े प्रस्तुत करने और केंद्र सरकार की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की गई है।