
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू करेंगे। यात्रा उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर अयोध्या में समाप्त होगी। यात्रा की घोषणा करने शनिवार को इंदौर पहुंचे कांग्रेस नेता ने आरएसएस, भाजपा से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा सनातन हमारा धर्म है और हिंदुत्व का इससे लेना-देना नहीं है। राम मंदिर चंदा चोरी में ट्रस्टी के रूप में ज्ञानेश कुमार भी शामिल थे। सिंह ने दो बड़े दावे किए और कहा कि मुझे ईवीएम दी जाए तो साबित कर दूंगा कि वोट चोरी कैसे की जा रही है। मेरे पास इस बात के भी सबूत हैं कि आरएसएस ने बम ब्लास्ट भी करवाए।
कांग्रेस द्वारा राम मंदिर का विरोध करने के सवाल पर सिंह ने कहा कि आरएसएस वाले ये झूठा प्रचार करते हैं। जबकि भाजपा-संघ मंदिर के नाम पर सिर्फ चंदा उगाते और घोटाले करते हैं। रामजन्मभूमि का ताला कांग्रेस सरकार ने खुलवाया। राम मंदिर निर्माण के लिए नरसिम्हाराव सरकार ने जमीन अधिगृहित की। आज जिस स्थान पर मंदिर बना है वो जन्मभूमि नहीं बल्कि वही जमीन है जो कांग्रेस ने दी थी।
सनातन स्वाभिमान यात्रा में दिग्विजय सिंह एक ऑनलाइन पिटिशन पर समर्थन जुटाते भी नजर आएंगे। इसमें संविधान और देश में सद्भाव की रक्षा के साथ ही ईवीएम रहित निष्पक्ष चुनाव करवाने की मांग है। धार्मिक ट्रस्टों से सरकारी और संघ के लोगों को हटाकर शंकराचार्य व धर्मगुरुओं को ट्रस्टी बनाने की मांग भी है।
दिग्विजयसिंह ने कहा कि हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। 1930 के आसपास सावरकर ने यह शब्द दिया था। सनातन में समभाव है जबकि हिंदुत्व दूसरे धर्मों के खिलाफ दिमाग में नफरत डालता है। गोधरा कांड के बाद अटलजी ने इस बारे में भाषण भी दिया था। उस भाषण को मैं अपनी यात्रा में भी दिखाऊंगा। कट्टरता किसी धर्म का आधार नहीं है।
जिन्ना भी मुसलमान नहीं थे धर्म का उसने और सावरकर ने फायदे के लिए इस्तेमाल किया और मिलकर बंटवारे की नींव रखी। आज एक पक्ष भाजपा और एआइएमआइएम के औवेसी दोनों मिलकर वैमनस्यता को घर-घर पहुंचा रहे हैं। कट्टरपंथी ताकतों ने तमाम संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है चाहे वह चुनाव आयोग हो, न्यायपालिका हो या शिक्षण संस्थान।
दिग्विजयसिंह ने कहा कि 1990 के दशक में मैंने और सबसे रामशिला पूजन किया और चंदा दिया। तब विश्वहिंदू परिषद ने बताया कि देशभर से सिर्फ 8.29 करोड़ रुपये चंदा आया। असलियत में 1400 करोड़ एकत्र हुए थे। इस तरह पहले चंदा खाया और अब मंदिर निर्माण में फिर से चंदा खाया।
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मोदी जी ने शंकराचार्यों और धर्मगुरुओं की बजाय विहिप और संघ के नेताओं को ट्रस्टी बनाया ताकि वे चंदा चोरी और जमीन घोटाला कर सकें। उसी चोरी के पैसे से भाजपा-आरएसएस के बड़े भवन बन रहे हैं। उज्जैन में महाकाल मंदिर की जमीन भी संघ वाले हड़प रहे हैं और माधव सेवा ट्रस्ट के नाम से वहां होटल बनाई जा रही है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा ईवीएम व प्रक्रिया में हेराफेरी कर चुनाव जीत रही है। मुझे ईवीएम दें तो मैं साबित कर दूंगा चुनाव आयोग ईवीएम को हाथ नहीं लगाने देता। ईवीएम से चुनाव करवाना है तो मतदाताओं को वीवीपैट की पर्ची भी दी जानी चाहिए। जिन सात देशों में ईवीएम पर चुनाव हो रहे हैं वहां ऐसा सिस्टम लागू है।