
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। महंगाई बढ़ने के बावजूद मध्यप्रदेश में आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में मामूली वृद्धि की गई है। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव और महामंत्री दिनेश सिसोदिया ने अक्टूबर 2026 से लागू वेतन वृद्धि पर नाराजगी जताते हुए इसे ऊंट के मुंह में जीरा बताया है।
उनका कहना है कि प्रदेश में करीब पांच लाख कर्मचारियों के वेतन में प्रतिदिन केवल छह रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि केंद्र के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 15 रुपये प्रतिदिन बढ़ाया गया है।
भार्गव के अनुसार, अप्रैल 2026 में प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में दो प्रतिशत वृद्धि के तहत प्रतिमाह 275 रुपये तक बढ़ाए गए थे। इस बार वृद्धि की दर घटाकर सवा प्रतिशत कर दी गई है। नई दरों के अनुसार, अकुशल श्रेणी के कर्मचारियों के मासिक वेतन में 156 रुपये, अर्द्धकुशल में 151 रुपये और कुशल श्रेणी में 144 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
मोर्चे ने मांग की है कि प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन केंद्र के कर्मचारियों के बराबर किया जाए। संगठन ने भाजपा के विधानसभा चुनाव 2023 के वचन-पत्र के बिंदु का पालन करने की भी मांग की है। भार्गव ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में वेतन दरों में संशोधन नहीं हुआ तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
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