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'OBC आरक्षण पर गरमाई MP की सियासत': भाजपा बोली- कांग्रेस ने युवाओं से खिलवाड़ किया, कमलनाथ का आरोप- आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र

हाई कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए ओबीसी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 09:45:52 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 09:45:52 AM (IST)
'OBC आरक्षण पर गरमाई MP की सियासत': भाजपा बोली- कांग्रेस ने युवाओं से खिलवाड़ किया, कमलनाथ का आरोप- आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ। फाइल फोटो

HighLights

  1. ओबीसी आरक्षण पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
  2. कमल नाथ का आरोप, आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र
  3. भाजपा बोली- सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखेगी प्रदेश सरकार

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत ही रखे जाने के हाई कोर्ट के निर्णय के बाद कानून में संशोधन करने वाली कांग्रेस ने इसका विरोध किया है और इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार बताया है।

कांग्रेस ने इसका विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही है। वहीं भाजपा ने इसे चुनावी लाभ के लिए ओबीसी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए आरक्षण दिलाने पर अडिग रहने की बात कही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने का अध्यादेश जारी किया था लेकिन उसे मजबूत संवैधानिक एवं कानूनी आधार देने में गंभीर चूक की। अब कांग्रेस अपनी सरकार की गलतियों की जिम्मेदारी लेने के बजाय भाजपा सरकार पर आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार ओबीसी के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रदेश सरकार सभी आवश्यक कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ेगी।


भाजपा ओबीसी को आरक्षण देने के लिए वचनबद्ध

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर में पार्टी की मासिक बैठक में भी कहा

वर्ष 2019 में कमलनाथ सरकार ने जल्दबाजी में ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीतिक कारणों से जो कदम उठाया, वह केवल लोगों को बरगलाने की कोशिश थी, लेकिन भाजपा ओबीसी को आरक्षण देने के लिए वचनबद्ध है। सरकार इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने और हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने का काम करें। जनता को यह भी बताएं कि वर्ष 2003 से पहले कांग्रेस के कुशासन में न सड़कें थीं, न बिजली और न पानी।

बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट, संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला आदि भी उपस्थित थे।

भाजपा की सरकारें शुरू से ही ओबीसी आरक्षण को समाप्त करने का षड्यंत्र करती रहीं: कमल नाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा

वर्ष 2019 में मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश में भी ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था लेकिन भाजपा की सरकारें शुरू से ही इस आरक्षण को समाप्त करने का षड्यंत्र करती रही। सरकार की कमजोर पैरवी और आधी-अधूरी सूचनाएं देने से हाई कोर्ट ने ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण को रद कर दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा

कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाएगी। ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य व याचिकाकर्ता लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि अब ओबीसी वर्ग को केवल आश्वासनों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। हमें किसी भी सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। ओबीसी वर्ग अपने अधिकारों की लड़ाई स्वयं लड़ेगा।

यह भी पढ़ें- भोपाल: OBC आरक्षण पर बोले CM मोहन यादव- ' तत्कालीन सरकार का नोटिफिकेशन लचर था, विधिक परीक्षण कराएगी सरकार'

कांग्रेस किसी वर्ग की नहीं, नौजवानों को समझना होगा : प्रह्लाद पटेल

प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने ओबीसी आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले पर कहा

कमल नाथ सरकार ने अध्यादेश में संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी की और कोई भी ऐसा ठोस कारण नहीं बताया, जिससे 50 प्रतिशत की सीमा को पार किया जाए। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसको लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। सबकी सहमति के साथ हम न्यायालय गए। मंत्री पटेल ने कहा कि मप्र सरकार उच्चतम न्यायालय में जाएगी और अपना पक्ष रखेगी। कांग्रेस किसी वर्ग की हितैषी नहीं है, यह बात नौजवानों को समझनी होगी।