
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के 106 जिला स्तरीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में अब विद्यार्थियों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। सरकार ने 8.61 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मेस, किचन और डाइनिंग हॉल तैयार किए हैं। इनका लोकार्पण मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इससे करीब नौ हजार विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के कल्याण के लिए पिछले डेढ़ दशक में 13,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस अवधि में पांच करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला है। छात्रावासों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। नई मेस व्यवस्था से विद्यार्थियों को भोजन के लिए छात्रावास से बाहर जाने या गैस सिलेंडर की अलग व्यवस्था करने की जरूरत नहीं होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सतना और अशोकनगर के छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं से संवाद भी किया। छात्राओं ने बताया कि पहले भोजन की व्यवस्था में समय और अतिरिक्त खर्च दोनों होते थे।
वहीं, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि टर्नकी प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक किचन और डाइनिंग हाल बनाए गए हैं। इससे दूर-दराज से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को भोजन की चिंता से राहत मिलेगी और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा। जिला स्तरीय पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में पहली बार मेस व्यवस्था शुरू की गई है।
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