• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

चमकेंगे MP के तीन बड़े शहर! इंदौर, भोपाल और उज्जैन बनेंगे 'मॉडल सिटी', जानिए क्या बदलेगा आपके मोहल्ले में

क्या आपके मोहल्ले में कचरा उठाने वाली गाड़ी समय पर आती है? क्या आपके घर के आसपास की सड़कों और खाली भूखंडों पर धूल और कचरे के ढेर जमा रहते हैं? मध्य प्...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 03:48:23 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 03:48:23 PM (IST)
चमकेंगे MP के तीन बड़े शहर! इंदौर, भोपाल और उज्जैन बनेंगे 'मॉडल सिटी', जानिए क्या बदलेगा आपके मोहल्ले में
इंदौर, भोपाल और उज्जैन बनेंगे 'मॉडल सिटी'

HighLights

  1. इंदौर, भोपाल व उज्जैन 'प्रगति-50' में मॉडल शहर चयनित
  2. मोहल्लों को कचरा और धूल मुक्त बनाने पर रहेगा विशेष जोर
  3. डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सीवेज व्यवस्था होगी दुरुस्त

डिजिटल डेस्क। क्या आपके मोहल्ले में कचरा उठाने वाली गाड़ी समय पर आती है? क्या आपके घर के आसपास की सड़कों और खाली भूखंडों पर धूल और कचरे के ढेर जमा रहते हैं? मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रगति-50' पहल के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल और उज्जैन का चयन देश के 50 मॉडल (आदर्श) स्वच्छ शहरों के रूप में किया गया है।

इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनके मोहल्लों की सूरत में सीधा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

आपके मोहल्ले और घर के आसपास क्या-क्या बदलेगा?

'प्रगति-50' पहल के तहत इन तीनों शहरों में मिशन मोड पर काम शुरू किया जा रहा है। इसका सीधा असर आम जनता के दैनिक जीवन और नागरिक सुविधाओं पर पड़ेगा...

  • कचरा-मुक्त और धूल-मुक्त सड़कें: मोहल्लों की गलियों, मुख्य सड़कों और कॉलोनियों के मोड़ पर लगने वाले कचरे के ढेरों (ब्लैक स्पॉट्स) को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। नियमित रूप से सड़कों की सफाई और डस्ट-फ्री मेंटेनेंस पर जोर रहेगा।
  • डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में सुधार: घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को और अधिक हाई-टेक और समयबद्ध बनाया जाएगा। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग (स्रोत स्तर पर पृथक्करण) एकत्र करने के नियमों का सख्ती से पालन होगा।
  • सार्वजनिक पार्कों और परिसरों का कायाकल्प: मोहल्लों के सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, बाजारों और चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे आसपास का माहौल स्वच्छ और दर्शनीय बने।
  • सीवेज और गंदे पानी की समस्या से राहत: तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Liquid Waste Management) के तहत बस्तियों और कॉलोनियों में सीवेज व गंदे पानी के निकास की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा, जिससे जलजमाव और बदबू की समस्या से निजात मिलेगी।

नागरिकों की सहभागिता: युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का मौका

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, इस पहल में आम नागरिकों और विशेषकर युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होगी। कॉलोनियों और मोहल्लों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर युवाओं की टीमें बनाई जाएंगी, जो लोगों को जागरूक करेंगी। साथ ही, कचरा प्रबंधन और रीसाइक्लिंग से जुड़े नए विचारों पर काम करने वाले स्थानीय स्टार्टअप्स को भी सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में 6 महीने की मासूम की मौत, मेडिकल कॉलेज की उपचार व्यवस्था पर लगे गंभीर आरोप, अब जांच करेगी टीम