
हादसे में दोनों वाहनों में सवार दर्जनभर लोग घायल हो गए। इनमें पिकअप में सवार नौ लोग और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार छह लोग शामिल हैं। घायलों में तीन बच्चे भी हैं। घायलों को बैरसिया के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन लल्लू उर्फ करण अहिरवार चला रहा था। मुकेश अहिरवार अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान करने और बेटी की अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे। रात करीब दस बजे नरेला स्थित ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भयंकर थी कि पिकअप दो हिस्सों में टूट गई और ट्रैक्टर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही बैरसिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। टूटे हुए वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया।
थाना प्रभारी वीरेंद्र सेन ने बताया कि सड़क पर लाइट न होना और पिकअप वाहन की तेज रफ्तार हादसे की मुख्य वजह रही। सड़क दो लेन की है, लेकिन लेन का पालन न करना और सामने वाहन को समय पर न देख पाना दुर्घटना को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किसने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। ट्रैक्टर-ट्राली में बैरसिया के रानी खजूरी गांव के लोग सवार थे। पुलिस ने घायलों का इलाज सुनिश्चित किया और राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया।
हादसे की जानकारी लगने पर तुरंत पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया और वाहन जब्त किए। कारणों की गहनता से जांच की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर पिकअप सवार लोगों के नशे में होने की जानकारी मिली है। पुलिस जांच जारी है।
-नीरज चौरसिया, एडिशनल एसपी देहात