
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बनाए गए परिवेदना पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण हजारों शिक्षक अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
परिवेदना पोर्टल पर 22 अक्टूबर तक की स्थिति में 5,097 शिकायतें लंबित हैं, जबकि सीएम हेल्पलाइन में इस अवधि तक 7,801 शिकायतों का निराकरण नहीं हो सका है। दोनों माध्यमों को मिलाकर करीब 12 हजार से अधिक शिकायतें हैं। इनमें पेंशन, एरियर भुगतान, चिकित्सा अवकाश की स्वीकृति सहित अन्य समस्याएं शामिल हैं।
परिवेदना पोर्टल पर प्रदेशभर से कुल 39,235 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 30,911 शिकायतों का निराकरण दर्शाया गया है, जबकि 5,097 मामले अब भी लंबित हैं। वहीं 3,227 प्रकरण रिजेक्ट किए गए हैं। जिलों की स्थिति देखें तो भोपाल में सबसे अधिक 2,376 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 2,033 का निराकरण हुआ, जबकि 227 अभी भी लंबित हैं।
इंदौर में 1,717 शिकायतों में से 1,041 का निराकरण हुआ और 679 मामले लंबित हैं। ग्वालियर में 1,198 शिकायतों में से 963 का निराकरण हुआ, जबकि 177 लंबित हैं। जबलपुर में 1,080 शिकायतों में से 713 का निराकरण हुआ और 79 मामले लंबित हैं। वहीं, मुरैना में भी शिकायतों की पेंडेंसी अधिक बताई जा रही है।
सीएम हेल्पलाइन में सितंबर के शुरुआत में कुल 11,787 शिकायतें लंबित थीं, जिनकी संख्या 22 अक्टूबर की स्थिति में घटकर 7,801 रह गई है। आठ जिले जहां शिकायतों की पेंडेंसी अधिक है, इनमें सीहोर सबसे आगे है। इसके अलावा टीकमगढ़, विदिशा, दमोह, आगर मालवा, खंडवा, दतिया और उज्जैन का नंबर है। दूसरी ओर झाबुआ शिकायतों के निराकरण में सबसे आगे है। मंदसौर, नर्मदापुरम, मैहर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, आलीराजपुर और राजगढ़ में भी निराकरण की स्थिति बेहतर बताई गई है।
शिकायतों के बीच शिक्षकों की परेशानी भी सामने आ रही है। एक शिक्षक का कहना है कि परिवीक्षा अवधि में चिकित्सा अवकाश लेने के बावजूद उसे स्वीकृत नहीं किया गया। इसके कारण उसकी परिवीक्षा अवधि एक माह बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें परिवीक्षा अवधि में चिकित्सा अवकाश की अनुमति होने की जानकारी दी गई थी। वहीं, भोपाल के एक शिक्षक पांच माह पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने परिवेदना पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई, इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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परिवेदना पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का पहली प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है। सभी विभागों में स्कूल शिक्षा ए ग्रेड में शामिल हो गया है। - अभिषेक सिंह, आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय